Wednesday, January 28, 2026
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Rahul Gandhi: राहुल गांधी का चुनाव आयोग पर बड़ा हमला,बोले- “चौकीदार जागता रहा, चोरी देखता रहा”…..

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर बड़ा हमला बोला है। शुक्रवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के संरक्षण में “वोट चोरी” हो रही है, और आयोग सिर्फ देख रहा है।

राहुल गांधी ने चुनाव आयोग का नाम लिए बिना कहा “चुनाव का चौकीदार जागता रहा, चोरी देखता रहा, चोरों को बचाता रहा।”

उन्होंने 36 सेकेंड का एक वीडियो शेयर किया जिसमें कथित रूप से यह दिखाया गया है कि “वोट किस तरह से डिलीट किए जाते हैं”। राहुल ने तंज कसते हुए लिखा “सुबह 4 बजे उठो, 36 सेकंड में 2 वोटर मिटाओ, फिर सो जाओ – ऐसे भी हुई वोट चोरी!”

प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गंभीर आरोप

गुरुवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि कर्नाटक के अलंद विधानसभा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम फर्जी तरीके से हटाए गए, और इस साजिश को दबाने का काम खुद चुनाव आयोग कर रहा है।

उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के उम्मीदवार की ओर से जब वोटर डिलीशन की शिकायत की गई, तो स्थानीय चुनाव अधिकारी ने प्राथमिकी दर्ज की, लेकिन सीआईडी की जांच को मुख्य चुनाव आयुक्त ने रोक दिया।

राहुल गांधी ने आगे कहा?

“कर्नाटक सीआईडी ने 18 महीनों में 18 बार पत्र लिखे, लेकिन चुनाव आयोग ने कोई जवाब नहीं दिया। मतदाताओं की जानकारी, जैसे डिवाइस, ओटीपी और आईपी एड्रेस के विवरण को जानबूझकर छिपाया गया। अगर 6,000 से ज्यादा वोट डिलीट हो जाते, तो कांग्रेस का उम्मीदवार चुनाव हार सकता था।”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दलित, ओबीसी, महिला और आदिवासी मतदाताओं को टारगेट कर के उनके वोट हटाए गए।

आयोग का पलटवार: “आरोप निराधार, प्रक्रिया पारदर्शी है”

राहुल गांधी के आरोपों के जवाब में चुनाव आयोग ने तुरंत सोशल मीडिया के ज़रिए बयान जारी कर इन आरोपों को “भ्रामक और तथ्यहीन” बताया। आयोग ने कहा “जैसा प्रचारित किया जा रहा है, वैसे किसी आम व्यक्ति के मत को ऑनलाइन डिलीट नहीं किया जा सकता। इसके लिए एक निर्धारित प्रक्रिया है, जिसमें मतदाता को नोटिस दिया जाता है और उसका पक्ष सुना जाता है। बिना सुनवाई के कोई भी नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जा सकता।”

आयोग ने स्पष्ट किया कि अलंद विधानसभा सीट पर 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान कुछ मत हटाने के असफल प्रयासों की जानकारी आयोग को थी और उसी आधार पर एफआईआर दर्ज कराई गई थी।

चुनाव आयोग के सूत्रों ने कहा “यह पुराना मामला है, जिस पर पहले ही कार्रवाई हो चुकी है। अब इसे उठाकर मुख्य चुनाव आयुक्त की छवि धूमिल करने की कोशिश की जा रही है।”

राजनीतिक गर्मी तेज

राहुल गांधी द्वारा बार-बार उठाए जा रहे “वोट चोरी” के मुद्दे से साफ है कि कांग्रेस अब चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर जनता के बीच एक बड़ा नैरेटिव बनाना चाहती है। वहीं आयोग की ओर से मिले सख्त जवाब ने यह संकेत दिया है कि संस्था अपने ऊपर लगे आरोपों को हल्के में नहीं ले रही।

क्या है अगला कदम?

राहुल गांधी ने चुनाव आयोग से सबूतों को तुरंत कर्नाटक सीआईडी को सौंपने की मांग की है। साथ ही उन्होंने जन आंदोलन के रूप में युवाओं से “वोट चोरी रोकने” की अपील की है। अब देखना होगा कि कांग्रेस इस मुद्दे को आगे कितनी मजबूती से उठाती है और चुनाव आयोग क्या अतिरिक्त स्पष्टीकरण देता है।

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