जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: नगर निगम और जल निगम की लापरवाही के कारण शहर के लोगों की जान जोखिम में है। शहर की किस सड़क पर बीचोंबीच गड्ढा आ जाये किसी को नहीं पता। ऊपर से बारिश का पानी सड़कों पर भर जाता है और गड्ढों का पता नहीं चल पा रहा जिस कारण लोग रोज घायल हो रहे हैं।
जल निगम की ओर से डाली गई सीवर लाइन के ऊपर बनाई गर्इं सड़कें बारिश पड़ते ही धंसती जा रही है जिससे बड़ी अनहोनी की आशंका बनी हुई है, लेकिन कोई इस ओर ध्यान देने को तैयार नहीं है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश थे कि 15 सितंबर से शहर की सड़कों में हुए गड्ढों को तुरंत भरा जाये। प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा ने भी यहां जिला योजना समिति की बैठक में सड़कों की हालत सुधारने के निर्देश दिये थे, लेनिक अभी तक नगर निगम, एमडीए और जल निगम की ओर से इसे लेकर कोई योजना तैयार नहीं की गई है। शहरी की किस सड़क में कहां गड्ढा आ जाये किसी को नहीं पता।
लोग इन गड्ढों से दुर्घटना ग्रस्त हो रहे हैं। इस्लामाबाद, लिसाड़ी रोड, भूमिया पुल से लेकर ब्रह्मपुरी, बुढ़ाना गेट सभी मार्गोंं का बुरा हाल है। सड़कों में गहरे गहरे गड्ढे हो चुके हैं, लेकिन कोई इन्हें देखने वाला नहीं है। गोलाकुआं के सामने वाली रोड पर गड्ढों में पानी भरने के कारण उनका पता ही नहीं चल पा रहा है जिस कारण दुर्घटनाएं हो रही हैं।

धंसने लगीं नई सड़कें
जल निगम की ओर से पूरे शहर में सीवरेज लाइन डाली गई है। सीवरेज लाइन डाले जाने के बाद कई जगहों पर बनाई गई सड़क नीचे धंस गई है। एल ब्लॉक स्थित पीटीएस के सामने तो सड़क एक फीट तक नीचे धंस गई है जबकि यहां लाखों रुपये खर्च कर सड़क अभी हाल ही में बनकर तैयार हुई है।
यही हाल ब्रह्मपुरी रोड का है यहां भी सड़क नीचे धंस गई है। उधर, शारदा रोड पर सड़क बनने के बाद उसके ऊपर से कंकड़ छुटने लगे हैं और वाहन फिसल कर गिर रहे हैं। शासन और प्रशासन की ओर इस संबंध में कुछ नहीं किया जा रहा है। जबकि कई समाजसेवी संस्थाएं सड़कों के हाल को लेकर शिकायतें कर चुकी हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।

