जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा लगाए गए ‘वोट चोरी’ के आरोपों का समर्थन करते हुए चुनावी प्रक्रिया पर बड़ा सवाल खड़ा किया है। पुणे में आयोजित पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में उन्होंने साफ तौर पर कहा कि भारत की चुनावी प्रणाली में गंभीर गड़बड़ियां हो रही हैं, जो कोई नया मामला नहीं है।
राज ठाकरे ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे को साल 2016-17 में ही उठाया था, लेकिन विपक्ष ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने बताया कि उस समय उन्होंने शरद पवार, सोनिया गांधी और ममता बनर्जी से मुलाकात की थी और एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के ज़रिए लोकसभा चुनाव के बहिष्कार की बात भी रखी थी, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस विषय पर दबाव बनाया जा सके। लेकिन, उनके अनुसार, विपक्ष इस पर पीछे हट गया।
“वोट डाले जा रहे हैं, लेकिन उम्मीदवारों तक नहीं पहुंच रहे”
राज ठाकरे ने राहुल गांधी के इस बयान का समर्थन किया कि “लोग वोट डाल रहे हैं लेकिन वोट उम्मीदवारों तक नहीं पहुंच रहे, वो चोरी हो रहे हैं।” उन्होंने दावा किया कि 2014 के बाद से अब तक की कई सरकारें इसी चुनावी धांधली के कारण सत्ता में आई हैं।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव का उदाहरण
ठाकरे ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की ओर इशारा करते हुए कहा कि बीजेपी को 132 सीटें, एकनाथ शिंदे को 56 और अजित पवार को 42 सीटें मिलीं थीं। बावजूद इसके ना जीतने वाले खुश थे और ना हारने वाले। उन्होंने इसे चुनावी गड़बड़ी का नतीजा बताया।
चुनाव आयोग पर सवाल
राज ठाकरे ने हाल ही में चुनाव आयोग द्वारा बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी से हलफनामा मांगा गया, जबकि वह विपक्ष के नेता हैं। वहीं, बीजेपी नेता अनुराग ठाकुर ने भी 6 सीटों पर गड़बड़ी का आरोप लगाया था। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही चुनावी धांधली की बात कर रहे हैं, तो फिर चुनाव आयोग चुप क्यों है?
निकाय चुनावों में सतर्कता की सलाह
MNS प्रमुख ने पार्टी कार्यकर्ताओं को आगाह करते हुए कहा कि आगामी निकाय चुनावों में विशेष सतर्कता बरतनी होगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वोटर लिस्ट की जांच पर गहराई से काम करें, ताकि किसी भी गड़बड़ी को पहले ही रोका जा सके।
“पहले मतदाता सूची को दुरुस्त करें”
राज ठाकरे ने दो टूक कहा कि अगर विपक्ष वास्तव में चुनावी धांधली को बेनकाब करना चाहता है और सत्ता में आना चाहता है, तो सबसे पहले मतदाता सूची को दुरुस्त करना होगा। जब तक वोटर लिस्ट ठीक नहीं होगी, चुनाव जीतना असंभव है।

