जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के बीच राजस्थान रॉयल्स एक बड़े विवाद में फंस गई है। टीम मैनेजर रोमी भिंडर पर डगआउट में मोबाइल फोन इस्तेमाल करने का आरोप लगा है, जो नियमों के तहत सख्त रूप से प्रतिबंधित है।
यह मामला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ खेले गए मैच के दौरान सामने आया, जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ।
क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मैच के 11वें ओवर के दौरान रोमी भिंडर को डगआउट में फोन इस्तेमाल करते हुए कैमरे में कैद किया गया। वायरल वीडियो में वह युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के पास बैठे नजर आए।
बताया जा रहा है कि उस समय राजस्थान को जीत के लिए 55 गेंदों में 62 रन की जरूरत थी और क्रीज पर ध्रुव जुरेल और रवींद्र जडेजा बल्लेबाजी कर रहे थे।
वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई और कई यूजर्स ने इसे एंटी-करप्शन नियमों का उल्लंघन बताया। हालांकि, इस मामले पर अभी तक राजस्थान रॉयल्स की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
क्या कहते हैं नियम?
आईपीएल के पीएमओए (Players and Match Officials Area) प्रोटोकॉल 2026 के अनुसार—
- डगआउट में मोबाइल फोन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है
- टीम मैनेजर फोन अपने पास रख सकता है, लेकिन उपयोग नहीं कर सकता
- फोन का इस्तेमाल केवल ड्रेसिंग रूम में ही अनुमत है
- विशेष परिस्थितियों में सीमित अधिकृत लोगों को ही छूट मिलती है
ऐसे में अगर वायरल वीडियो सही पाया जाता है, तो इसे नियमों का स्पष्ट उल्लंघन माना जाएगा।
आगे क्या हो सकता है?
मामले की जांच होने पर रोमी भिंडर को मैच रेफरी और एंटी-करप्शन यूनिट के सामने पेश होना पड़ सकता है। आईपीएल गवर्निंग काउंसिल भी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और जल्द आधिकारिक फैसला आ सकता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक आईपीएल अधिकारी ने कहा कि डगआउट में फोन का इस्तेमाल “गंभीर चूक” है और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
ललित मोदी ने उठाए सवाल
आईपीएल के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि डगआउट में मोबाइल फोन का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है और यदि ऐसा हुआ है तो तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने एक अन्य पोस्ट में एंटी-करप्शन यूनिट की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा—“यह पूरी तरह गलत है, एंटी-करप्शन यूनिट कहां थी?”

