Thursday, March 19, 2026
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मेरठ में 25 किमी के दायरे में दौड़ेगी रैपिड

  • शहर में 19.5 किमी एलिवेटेड, जबकि 5.5 किमी अंडर ग्राउंड चलेगी ट्रेन

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: दिल्ली से मेरठ के बीच चलने वाली देश की पहली सेमी हाई स्पीड रैपिड ट्रेन शहर में कुल 25 किलोमीटर के दायरे में दौड़ेगी। इसके अलावा यह ट्रेन गाजियाबाद और दिल्ली तक जाएगी। मेरठ में रैपिड साढ़े 19 किलोमीटर एलिवेटेड जबकि साढ़े 5 किलोमीटर अंडरग्राउंड दौड़ेगी। दिल्ली और मेरठ के बीच 82 किलोमीटर लंबे रैपिड कॉरिडोर पर काम युद्ध स्तर पर जारी है।

अंडरग्राउंड से लेकर एलिवेटेड ट्रैक दोनों पर दिन रात काम चल रहा है। जिस तरह जल्दी-जल्दी आरआरटीएस कॉरिडोर पर दो टनल ब्रेकथ्रू हुए उससे इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि रैपिड का काम अब धीरे-धीरे अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ चुका है। शहर में आरआरटीएस एवं मेट्रो कॉरिडोर के लिए किया जा रहा पिलर निर्माण का कार्य आधे से ज्यादा पूरा हो गया है।

मेरठ साउथ स्टेशन से लेकर मोदीपुरम स्टेशन तक एलिवेटेड हिस्से के निर्माण के लिए लगभग 650 पिलर्स बनाए जाने हैं, जिनमें से लगभग 400 पिलर्स का निर्माण किया जा चुका है। सबसे ज्यादा पिलर्स का निर्माण मेरठ साउथ और ब्रह्मपुरी स्टेशन के बीच हुआ है। बाकी के पिलर्स भी तेजी से आकार ले रहे हैं। आरआरटीएस अधिकारियों के अनुसार तैयार हो चुके पिलर्स पर वायाडक्ट का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है।

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मेरठ में 25 किलोमीटर के आरआरटीएस कॉरिडोर में लगभग 19.5 किलोमीटर का हिस्सा एलिवेटेड और लगभग साढ़े पांच किलोमीटर का हिस्सा भूमिगत होगा। इस समय कुल एलिवेटेड सेक्शन में से लगभग 4 किलोमीटर में वायाडक्ट निर्माण पूरा कर लिया गया है। वायाडक्ट निर्माण के लिए अलग-अलग जगहों पर 3 तारिणी (लॉन्चिंग गेंट्री) कार्य कर रही हैं। पहली तारिणी ने परतापुर से शताब्दी नगर स्टेशन के बीच में लगभग 3 किलोमीटर के वायाडक्ट का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण कर लिया है।

जबकि दूसरी तारिणी शताब्दी नगर और ब्रह्मपुरी के बीच लगभग 2 किलोमीटर के वायाडक्ट निर्माण में कार्यरत है। तीसरी तारिणी एमईएस कॉलोनी और दौरली स्टेशन के बीच इंस्टॉलेशन की प्रक्रिया में है। इसका उपयोग लगभग 3 किमी लंबे वायाडक्ट के निर्माण के लिए किया जाएगा। उधर कॉरिडोर के एलिवेटेड स्टेशनों का निर्माण भी प्रगति पर है।

मेरठ साउथ, परतापुर, रिठानी, शताब्दी नगर और ब्रह्मपुरी स्टेशन का निर्माण कार्य प्लेटफॉर्म लेवल तक पहुंच गया है। ये सभी एलिवेटेड स्टेशन पूरी तरह आकार ले चुके हैं। दौरली स्टेशन में वर्तमान में कॉनकोर्स लेवल का निर्माण किया जा रहा है। वहीं बाकी के एलिवेटेड स्टेशनों- एमईएस कॉलोनी, मेरठ नॉर्थ और मोदीपुरम में फिलहाल पिलर निर्माण का कार्य जारी है।

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