- जिले की पुलिस और प्रशासन ने की तैयारी पूरी, कड़ी निगरानी में होगी परीक्षा
- परीक्षा केंद्रों के बाहर भी रहेगी सख्ती, 500 मीटर के आसपास की दुकानें रहेंगी बंद
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच पुलिस भर्ती परीक्षा का दूसरा चरण आज से शुरू होगा। शुक्रवार और शनिवार को 36 केंद्रों पर यह परीक्षा होगी। पहले चरण की परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होने से उत्साहित पुलिस अधिकारियों ने दावा किया कि परीक्षा की पूरी तैयारी कर ली गई है। पहले की तरह ही कड़े इंतजाम रहेंगे। परीक्षा केंद्रों के 500 मीटर की आसपास की दुकानें भी बंद रहेंगी। पुलिस भर्ती परीक्षा का दूसरा चरण शुक्रवार से शुरू होगा।
यह परीक्षा दो दिन तक चार पालियों में चलेगी। पहले चरण में यह परीक्षा तीन दिन तक चली थी। पुलिस प्रशासन के प्रयासों से तीनों दिन परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई थी। गुरुवार को पुलिस अधिकारियों ने पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारियों को अंतिम रूप दिया। नोडल अधिकारी व एसपी ट्रैफिक राघवेंद्र सिंह ने कई परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करने के बाद बताया कि भर्ती परीक्षा की तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। पहले चरण वाली ही तमाम व्यवस्थाएं दूसरे चरण में भी लागू रहेंगी।
उन्होंने अभ्यर्थियों से अनुरोध किया है कि वह अपने साथ प्रवेश पत्र, आधार कार्ड और पेन के अलावा अन्य कुछ भी सामान ना लेकर आएं। उन्होंने बताया कि चारों पालियों में 69,600 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। एक पाली में 17,400 अभ्यर्थियों का आवंटन किया गया है। पहले चरण में करीब 35 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी थी। आगामी दो दिन की परीक्षा में भी यही स्थिति रहने की संभावना जताई जा रही है।
रिश्वत के आरोप में अधिशासी अभियंता व पटवारी को भेजा जेल
मेरठ: न्यायालय अपर जिला जज विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम प्रमोद गंगवार ने आगरा में तैनात अधिशासी अभियंता सुरजीत यादव को अंकन 1 लाख 25 हजार रुपये की रिश्वत तथा दूसरे मामले में अलीगढ़ में तैनात पटवारी सिपाही राम यादव को अंकन 10 हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में जेल भेज दिया। सरकारी वकील संजीव गुप्ता ने बताया कि आगरा में तैनात अधिशासी अभियंता को शिकायतकर्ता लाल सिंह की शिकायत पर उसको अंकन 1 लाख 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा था।
जिसमें लाल सिंह ने शिकायत कर आरोप लगाया था कि अंकन 6 लाख रुपये के बिल को कम करने पर उससे रिश्वत की मांग की थी। अधिशासी अभियंता सुरजीत यादव को विजिलेंस की टीम ने बुधवार की शाम मौके से गिरफ्तार किया था। वहीं दूसरे मामले में पटवारी सिपाही सिंह यादव पर जमीन की पैमाइश करने के आवाज में अंकन 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए भ्रष्टाचार निवारण की टीम ने बुधवार की शाम गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपियों को न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में गुरुवार को पेश किया गया। जहां से न्यायालय ने दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया।

