जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: केंद्र सरकार द्वारा स्वास्थ्य और जीवन बीमा प्रीमियम पर जीएसटी हटाने के फैसले के बाद स्वास्थ्य बीमा की मांग में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है। पॉलिसीबाजार की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, उच्च स्वास्थ्य बीमा कवरेज वाली पॉलिसियों की मांग में कुल 38 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
GST छूट से बीमा हुआ किफायती
सरकार ने 22 सितंबर 2025 से लागू हुए जीएसटी सुधारों के तहत स्वास्थ्य और जीवन बीमा प्रीमियम को जीएसटी से मुक्त कर दिया है।
इस कदम का उद्देश्य ग्राहकों के लिए बीमा योजनाओं को अधिक किफायती बनाना और उन्हें चिकित्सा आपात स्थितियों के लिए बेहतर वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है।
औसत स्वास्थ्य बीमा कवरेज में वृद्धि
रिपोर्ट के अनुसार, औसत स्वास्थ्य बीमा कवर 13 लाख रुपये से बढ़कर 18 लाख रुपये हो गया है। यह संकेत देता है कि लोग अब न्यूनतम नहीं, बल्कि व्यापक सुरक्षा (Comprehensive Coverage) वाली योजनाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं।
15-25 लाख रुपये वाली पॉलिसियों की बढ़ी मांग
जीएसटी छूट लागू होने के बाद, लगभग 50% ग्राहक 15 से 25 लाख रुपये तक की कवरेज वाली पॉलिसियों को चुन रहे हैं।24% ग्राहक 10–15 लाख रुपये के बीच कवरेज ले रहे हैं। जबकि केवल 18% ग्राहक ही 10 लाख रुपये से कम कवरेज वाली योजनाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं।
टियर-2 शहरों में भी बढ़ी जागरूकता
रिपोर्ट में बताया गया है कि छोटे शहरों में कम कवरेज (10 लाख रुपये से कम) चुनने वालों की हिस्सेदारी 24.1% से घटकर 16.8% रह गई है। वहीं, 15–25 लाख रुपये वाली योजनाएं लेने वाले टियर-2 शहरों के ग्राहकों की संख्या 44.1% से बढ़कर 48.6% हो गई है। यह दर्शाता है कि स्वास्थ्य बीमा की जागरूकता अब महानगरों से आगे बढ़कर छोटे शहरों तक पहुंच रही है।
वरिष्ठ नागरिकों में भी बढ़ी रुचि
दिलचस्प बात यह है कि 61 से 75 वर्ष और 75 वर्ष से अधिक आयु वाले ग्राहकों में उच्च बीमा राशि वाली योजनाओं की मांग में 11.54% की वृद्धि दर्ज की गई है। यह दिखाता है कि वरिष्ठ नागरिक अब स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति पहले से अधिक जागरूक और सक्रिय हो रहे हैं।

