Friday, March 20, 2026
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रस्म अदायगी रहा स्वास्थ्य मंत्री का मेडिकल दौरा, कोविड वार्ड से रखी दूरी

  • प्राचार्य ने मेडिकल के लिए स्वास्थ्य मंत्री से मांगे संक्रमितों के इलाज को 5.5 करोड़

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: कोरोना संक्रमण के यूटर्न के बीच प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा एवं संसदीय कार्य व वित्त मंत्री सुरेश खन्ना का मेडिकल दौरा तूफानी रहा। उम्मीदों के उलट उन्होंने कोविड-19 आइसोलेशन वार्ड से दूरी बनाए रखी। मेडिकल के निरीक्षण के नाम पर वैक्सीनेशन सैंटर में कुछ मिनट रूकने के बाद वापस प्राचार्य आए। यहां से सीधे सीएमओ कार्यालय के लिए निकल गए।

इसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्री का मेडिकल का तूफानी दौरा पूरा हो गया। शुक्रवार को निर्धारित समय से करीब एक घंटा विलंब से चिकित्सा शिक्षा मंत्री का काफिला सर्किट हाउस से चलकर मेडिकल पहुंचा। प्राचार्य डा. ज्ञानेन्द्र कुमार व मेडिकल प्रशासन के दूसरे अधिकारियों ने उनका अनौपचारिक स्वागत किया। यहां चंद मिनट ठहरने के बाद मेडिकल निरीक्षण शुरू हुआ।

उन्हें सीधे मेडिकल में लाइब्रेरी के सामने बनाए गए वैक्सीनेशन सैंटर ले जाया गया। यहां काफी भीड़ थी। वैक्सीनेटरों से पूछताछ करने व वहां रखे रजिस्टरों के पेज पलटने के बाद काफिला दोबारा प्राचार्य कक्ष आ गया। यहां करीब आधा घंटे मेडिकल प्राचार्य व अन्य स्वास्थ्य अधिकारियों से कोरोना संक्रमितों के इलाज को लेकर चर्चा की। कोविड-19 आइसोलेशन वार्ड व उपकरणों तथा चिकित्सकीय स्टाफ की जानकारी ली।

इस मौके पर जिलाधिकारी के बालाजी, एससएसपी अजय साहनी, सीएमओ डा. अखिलेश मोहन, सर्विलांस अधिकारी डा. अशोक तालियान के अलावा पुलिस,प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अलावा सांसद राजेन्द्र अग्रवाल व भाजपा के महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंहल आदि भी मौजूद रहे।

कोविड-19 को लिए पहले ही ना
मेडिकल के कोविड-19 आइसोलेशन वार्ड के निरीक्षण के लिए पहले ही ना हो गयी थी। दरअसल हुआ यह कि पिछले साल संक्रमण महामारी काल में मेडिकल के निरीक्षण को पहुंचे सुरेश खन्ना यहां से लखनऊ लौटते ही कोरोना की चपेट में आ गए थे। उनके अलावा एक अन्य वीआईपी भी कोरोना संक्रमित हो गए थे। इससे अधिकारियों में हड़कंप मच गया था। इसलिए इस बार कोविड-19 को निरीक्षण से बाहर रखा गया था।

कोविड स्टाफ चाहता रूबरू होना
मेडिकल में कोविड डयूटी करने वाला स्टाफ चाहता था कि चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री आइसोलेशन वार्ड का दौरा करें। स्टाफ के कुछ जेआर व हेल्थ केयर वर्कर भी चिकित्सा मंत्री से रूबरू होना चाहते थे। दरअसल वो बताना चाहते थे कि यहां क्या-क्या खामियां हैं। पहले की तरह अब सामान नहीं मिल रहा है। पीपीई किट, एन-95 मास्क, शूज कवर, फेस मास्क सरीखे चीजों की भारी कमी है।

चंद मिनटों में सीएमओ कार्यालय का निरीक्षण
चिकित्सा मंत्री का मेडिकल से काफिला सीधे सीएमओ कार्यालय पहुंचा। दरअसल उन्हें बताया गया था कि कोविड-19 का सेंट्रल कमांड रूम व एनएमसह सीएमओ कार्यालय में बनाया हुआ है। सो मंत्री का काफिला व अमले में शामिल तमाम अधिकारी सीएमओ कार्यालय के लिए कूच कर गए। यहां पहुंचे सुरेश खन्ना ने किस प्रकार से संक्रमण को नियंत्रित किया जा रहा है। कैसे काम किया जाता है, तमाम जानकारी लीं। लेकिन यहां भी चंद मिनट रूकने के बाद वह निकल गए। उम्मीद की जा रही थी कि जिला अस्पताल का भी निरीक्षण होगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं।

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