जनवाणी ब्यूरो |
कैराना: रालोद छात्र सभा ने कृषि अध्यादेश, बेरोजगारी और महंगी शिक्षा के विरोध में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन एसडीएम को सौंपा है। शनिवार को रालोद छात्र सभा के जिला महासचिव राजन जावला के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कैराना तहसील मुख्यालय पर कृषि अध्यादेश, बेरोजगारी व महंगी शिक्षा को लेकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम की अनुपस्थिति में न्यायिक प्रशासनिक अधिकारी रणवीर सिंह को सौंपा।
ज्ञापन में कार्यकर्ताओं ने बताया कि लोकसभा में पारित किए गए कृषि विधेयक के अनुसार यानी कोई भी पैन कार्ड धारी किसानों की फसल खरीद सकेगा। सरकार मंडियों को खत्म करना चाहती है। अगर मंडी के द्वारा किसानों की फसल की खरीद बिक्री नही हुई तो एसएमपी रेट सरकार लागू नही कर पायेगी।
जिससे किसानों को सरकार द्वारा न्यूनतम निर्धारित मूल्य भी नही मिल पायेगा। जिससे मंडी में होने वाला व्यापारियों का कम्पटीशन भी खत्म हो जाएगा। किसानों को इसका नुकसान उठाना पड़ेगा। जिसके चलते व्यापारी औने-पोने दामो में किसानों की फसल खरीद लेंगे। इस कानून के लागू होने से जब सरकार भंडारण की सीमा खत्म कर देंगी तब बड़े व्यापारी किसान की फसल आने पर किसानों की भंडारण क्षमता न होने के कारण सस्ते रेट में भंडारण कर लेंगे। जिससे कालाबाजारी को बल मिलेगा। ज्ञापन में कहा गया कि कृषि अध्यादेश में किसानों की सुरक्षा की कोई गारंटी नही है। ये तीनो अध्यादेश ही किसान विरोधी है।
रालोद छात्र सभा ने मांग की कि सरकारी नौकरी के लिए 5 वर्ष संविदा, सरकारी कर्मचारी की 50 वर्ष की आयु की छंटनी कानून को तत्काल समाप्त किया जाये। किसानों के गन्ने का 600 करोड रुपये ब्याज समेत तत्काल प्रभाव से किया जाये अन्यथा सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार 14 दिन मे मिल मालिक गन्ने का बकाया भुगतान नही करता तो पर मुकदमा दर्ज कराया जाये। महंगी शिक्षा पर तत्काल प्रभाव से रोक लगे और फीस के लिए अभिभावकों को परेशान ना किया जाएं। किसान पर धान व पत्ती फुंकने पर मुकदमे दर्ज न किए जाएं।

