- राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा
जनवाणी ब्यूरो |
शामली: राष्ट्रीय लोकदल ने कृषि के तीन अध्यादेशों को लागू किए जाने के साथ-साथ बेरोजगारी के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर कृषि अध्यादेशों को वापस लिए जाने की मांग की।
रालोद कार्यकर्ताओं ने कृषि अध्यादेशों के साथ-साथ प्रदेश में बढ़ रही बेरोजगारी और नौजवानों को सरकारी नौकरी से वंचित कर संविदा पर रखे जाने की घोषणा के खिलाफ हंगामा प्रदर्शन किया। उसके बाद राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम सदर संदीप कुमार को सौंपा।
ज्ञापन में केंद्र सरकार जो तीन कृषि अध्यादेश लाई उनसे किसान भूखा मर जाएगा। कोरोना महामारी में भी किसान ने खेत खलियान पर काम कर कर देश को जिंदा रखने का कार्य है। उन्होंने कहा कि फार्म प्रोड्यूस ट्रेड एंड कमर्स अर्डिनेंस 2020 के तहत केंद्र सरकार एक देश एक कृषि मार्केट बनाने की बात कर रही है।
इस अध्यादेश से किसान सीधे अपना माल कहीं भी दे सकता है। लेकिन कृषि माल की बिक्री एपीएमसी यार्ड में होने की शर्त केंद्र सरकार ने हटा ली है। कृषि माल की जो खरीद एपीएमसी मार्केट से बाहर होगी। यानी एपीएमसी मार्केट व्यवस्था धीरे-धीरे खत्म कर दी जाएगी। कृषि माल खरीदने वाले व्यक्ति और किसान के बीच विवाद होने पर किसान कोर्ट का दरवाजा नहीं खटखटा सकता।
यह एक तरफ से किसान का शोषण होगा। उन्होंने एसेशियल कमोडिटी एक्ट 1955 में संशोधन, फार्मर एग्रीमेंट आन प्राइस इंश्योरेंस एंड फार्म सर्विसेस अडनेंस सहित सभी अध्यादेशों का विरोध किया।
प्रदेश सरकार द्वारा रोजगार न मिलने से प्रदेश में बेरोजगारी चरम पर है। सरकारी नौकरी खत्म कर संविदा पर रखने से नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। प्रत्येक वर्ष पेपर होने से भ्रष्टाचार बढ़ेगा। कानून व्यवस्था ध्वस्त हो जाएगी। निजीकरण में आम आदमी टूट जाएगा। बेरोजगारी बढ़ेगी तो युवाओं के पक्ष में नहीं है।
इस अवसर पर विशाल करौडी, सचिन सरोहा, पंकज सरोहा, सत्यवीर सिंह मलिक, पवन कुमार, ओमवीर, सुधीर, सागर, नितिन पांचाल, मोनू कश्यप, नाजिम मलिक, शमशाद, सहदेव सिंह, रविंद्र पाल, जितेंद्र कुमार, देवराज भैंसवाल, डा. जितेंद्र कुमार, पवन जावला आदि मौजूद रहे।
रालोद से राजन जावला को दिखाया बाहर का रास्ता
राष्ट्रीय लोकदल छात्रसभा के जिलाध्यक्ष दीपक देशवाल ने छात्रसभा के महासचिव राजन जावला को पार्टी से निष्कासित कर दिया। प्रेस को जारी बयान में दीपक देशवाल ने बताया कि यह फैसला जिला हाईकमान के आदेश पर लिया गया है। क्योंकि पार्टी स्तर पर कोई भी विरोध, प्रदर्शन होगा तो मुख्य बॉडी के जिलाध्यक्ष के संज्ञान में लाने के पश्चात ही होना निर्धारित है, लेकिन राजन जावला सदैव पार्टी के निर्देशों का उल्लंघन करते आए हैं।
राजन जावला पर विपक्षी संगठनों से सांठगाठ रखने की पुष्ट जानकारी है। पिछले माह राजन जावला ने रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अजीत सिंह से की बातचीत की आडियो सोशल मीडिया पर वायरल की, जो पार्टी लाइन के खिलाफ अनुशासनहीनता के दायरे में आती है।

