- बुढ़ाना गेट से सुभाष बाजार की ओर जाने वाली सड़क में तीन-तीन फीट हुए गहरे गड्ढे
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: बुढ़ाना गेट से सुभाष बाजार की तरफ जाने वाली सड़क में तीन-तीन फीट गहरे गड्ढे हो गए हैं। सड़क नीचे को दरक गई हैं। लोगों में दहशत पैदा हो गई, जो सड़क छह माह पहले बनाई गयी थी, वो कैसे दरक गई? जिम्मेदार अफसरों पर क्या कार्रवाई की जाएग? जो सड़क छह माह पहले बनाई गई हो,
वो कैसे दरक सकती हैं? जब सड़क निर्माण से पहले इसका फाउंडेशन (बेड) बेहतर तैयार किया गया था तो फिर सड़क कैसे दरक सकती हैं। इसमें कहीं न कहीं कोई लापरवाही सड़क निर्माण में की गई हैं, जो सड़क दरके के रूप में सामने आ रही हैं। क्या सड़क का निर्माण करने वाले ठेकेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई की जाएगी।
बुढ़ाना गेट से सुभाष बाजार की तरफ जो पूरा शहर से ये पुराना शहर कहा जाता हैं। काफी ऊंचाई पर शहर बसा हुआ हैं। यहां पर सड़क निर्माण करने से पहले नगर निगम और जल निगम की तरफ से ग्राउंड स्तर पर काम किया गया। कई दिनों तक इसका रास्ता भी बंद रहा, लेकिन चूक आखिर कहां हुई, जो सड़क नीचे को दरक गई हैं। करीब तीन-तीन फुट नीचे सड़क दरक गई हैं।

इसको लेकर यहां रहने वाले भी परेशान हैं। क्योंकि पहले ऐसा कभी नहीं हुआ, जब सड़क नीचे को दरक गई हो। इसमें किस स्तर पर लापरवाही हुई हैं? इसकी जांच अवश्य होनी चाहिए। छह माह पहले जिस सड़क के निर्माण पर लाखों रुपये खर्च सरकारी खजाने से किये गए और वो सड़क नीचे को दरक गई। एक जगह से नहीं, बल्कि दो जगह से नीचे को दरक गई हैं। हो सकता है, इसी तरह से दूसरी जगह से भी सड़क दरक जाए।
सड़क निर्माण करने से पहले ग्राउंड स्तर पर बेसिक स्तर पर काफी वर्क होता हैं, इसके बाद ही सड़क का निर्माण किया जाता हैं। सबसे ऊपर बेड बनाया जाता हैं, जो काफी मजबूत होता हैं, लेकिन यहां किस स्तर से लापरवाही हुई? ये बड़ा सवाल हैं। घटिया सामग्री का प्रयोग तो नहीं हुआ। बेड बनाने के नाम पर खानापूर्ति तो नहीं की गई? ये ऐसे वाल हैं, जिसके बाद निगम और जल निगम से जवाब मांग रहे हैं।
अफसरों पर दर्ज होनी चाहिए एफआईआर: कमलदत्त शर्मा
भाजपा वरिष्ठ नेता कमलदत्त शर्मा भी सड़क दरकने की सूचना पर मौके पर पहुंचे तथा व्यापारियों से इसको लेकर बातचीत की। उन्होंने कहा कि सड़क का दरकना गंभीर लापरवाही हैं। इसमें जिन अधिकारियों के कार्यकाल में सड़क का निर्माण हुआ हैं, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी जानी चाहिए।
ग्राउंड स्तर पर लापरवाही सड़क निर्माण में की गई हैं। बेड भी ठीक से नहीं बनाया गया। इसमें लिप्त अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया जाना चाहिए। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर कार्रवाई करने की मांग की जाएगी। घटिया निर्माण पर आला अफसरों ने कैसे भुगतान कर दिया, ऐसे अफसरों की भी जांच होनी चाहिए।

