- मिली धनराशि, विधानसभा क्षेत्रों में सड़कों की स्थिति दयनीय
- अब सुधार की जगी उम्मीद, पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों ने शुरू किया काम, तैयार की जाएगी डीपीआर
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: पीडब्ल्यूडी की नई सड़कों पर जल्द ही काम होता दिखाई देगा। प्रदेश सरकार ने प्रत्येक विधायक के क्षेत्र में तीन करोड़ की धनराशि आवंटित की है। इस धनराशि से विधायक के विधानसभा क्षेत्र में सड़कों का निर्माण पीडब्ल्यूडी करेगा। इसके लिए प्रदेश सरकार ने विशेष बजट जारी कर दिया है। अब जो विधानसभा क्षेत्रों में सड़कों की दुर्दशा थी, उनमें सुधार होने की संभावनाएं प्रबल हो गई है।
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने विधायकों के क्षेत्रों की खराब सड़कों को बनाने के लिए प्रस्ताव मांग लिये हैं। अब इन प्रस्तावों पर पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों ने काम करना शुरू कर दिया है। कहा गया है कि इसी माह हर सूरत में खराब सड़कों की डीपीआर तैयार की जाएगी, जिनका निर्माण इसी माह किया जाएगा। क्योंकि पीडब्ल्यूडी के पास शासन ने धनराशि भी भेज दी है। इसमें कहा गया है कि प्रत्येक विधायक का तीन करोड़ का कोटा निर्धारित किया गया है।
विधायक के क्षेत्र में सड़कों के नव निर्माण को लेकर यह धनराशि जारी की गई है। इसमें चाहे सत्तापक्ष के विधायक हो या फिर विपक्ष के, सभी को तीन करोड़ का बजट सड़कों के निर्माण के लिए दिया गया है, जो सड़कों के निर्माण पर खर्च किया जाएगा। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने भी इसकी पुष्टि की है। हालांकि किन सड़कों पर यह धनराशि खर्च होगी। यह तो अभी नहीं बताया है, लेकिन इंजीनियरों ने नाम निर्माण जिन सड़कों का किया जाएगा।
उनका सर्वे कराना आरंभ कर दिया है। किस सड़क पर कितना खर्च होगा? इसकी रिपोर्ट तैयारी की जा रही है। हाल ही में पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव नरेंद्र भूषण ने मेरठ का दौरा किया था। उन्होंने पश्चिमी यूपी के तमाम अधिकारियों से आॅनलाइन बात भी की थी और दिशा निर्देश भी दिए थे, ताकि सड़कों की दशा को सुधारा जा सके, लेकिन आला अफसरों ने बजट का रोना रोया था।
शासन स्तर से सड़कों को लेकर विशेष फोकस कर दिया गया हैं। अब तीन करोड़ से विधानसभा क्षेत्र की तमाम सड़कें बन पाएगी या फिर नहीं? यह कहना तो मुश्किल होगा, लेकिन तीन करोड़ विधानसभा क्षेत्र में सड़कों पर खर्च होंगे। इसमें पीडब्लयूडी के अधिकारी यह तय करेंगे कि कौन-कौन सी सड़कों का निर्माण किया जाए।
भाजपा विधायक हुए अफसरों से नाराज
भाजपा विधायकों को पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव नरेंद्र भूषण के कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया, जिसके बाद भाजपा विधायक नाराज हो गए। भाजपा विधायकों का कहना है कि इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलेंगे। मेरठ जनपद के नोडल अधिकारी और पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव नरेंद्र भूषण का एक दिन का जनपद में दौरा था।
सड़कों की खराब स्थिति को लेकर विधायकों को जनता की नाराजगी का सामना करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में किसी भी विधायक को पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव नरेंद्र भूषण के कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया, जिसके बाद भाजपा के विधायक खास खफा हो गए। मेरठ कैंट विधायक अमित अग्रवाल ने कहा कि नोडल अधिकारी एवं पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव नरेंद्र भूषण ने कानून व्यवस्था और विकास कार्यों को लेकर पहले विकास भवन में मीटिंग ली, लेकिन इस मीटिंग के लिए विधायकों को नहीं बुलाया गया, जो बेहद गलत बात है।
यही नहीं, पीडब्ल्यूडी से संबंधित सड़के खराब पड़ी है। इसकी समस्याओं को लेकर विधायक उनसे मिलने वाले थे, लेकिन विधायकों को नहीं बुलाया गया। इस पूरे प्रकरण से भाजपा विधायक नाराज हो गए। भाजपा विधायक अमित अग्रवाल ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से विधायक मिलेंगे और आमंत्रित नहीं करने की नाराजगी की वजह मुख्यमंत्री को बताई जाएगी।
डीएम दीपक मीणा के सामने भी इसकी नाराजगी व्यक्त की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि सड़कों से जुड़ी तमाम समस्याएं हैं, जिनको पीडब्ल्यूडी के अधिकारी छुपा रहे हैं। कहीं भी गड्ढा मुक्त का अभियान नहीं चल रहा हैं। इन तमाम वास्तविकता को छुपाने के लिए ही विधायकों से पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने किनारा किया। विधायकों को बुलाया तक नहीं गया।

