मिसिरबाबू, आपको लख-लख बधाइया! आप उस राष्ट्रीय सुनामी से बच निकले हैं जिसका नाम है आईफोन 17 प्रो ‘भगवा’ संस्करण। मुबारक हो कि आपके हाथ में अभी भी आपका पुराना एंड्राइड फोन सुरक्षित है। जहां हजारों लोग किडनी बेचने के लिए लाइन में लगे हैं, लाखों ने पीएफ का पैसा निकाल लिया है, और करोड़ों की ईएमआई बंध गई है, वहां आप बच गए! क्या बेहतरीन किस्मत और क्या मजबूत आत्म-संयम लिखाकर लाए हो गुरु! आप उस ‘डिजिटल भगदड़’ में कुचले नहीं गए, जहां देशभक्ति का सर्टिफिकेट अब आपके फोन के रंग से तय हो रहा है। बड़ी बात है। निजाम ने राष्ट्रवाद और टेक्नोलॉजी का ऐसा कॉकटेल बनाया, मार्केटिंग टीमों ने आपकी जेब खाली करने के सौ तरीके ईजाद किए, इन्फ़्लुएंसरों ने आपको ‘एंटी-नेशनल’ और ‘विकास-विरोधी’ साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी, फिर भी मौत (यानी कर्ज़) ने आपको छुआ तक नहीं।
उधर पृथ्वीलोक में ये डिजिटल क्रांति चल रही थी और इधर यमलोक के मुख्यालय में इस नए आईफोन ने कोहराम मचा रखा था। चित्रगुप्त जी का ‘कर्म-प्रोसेसर 9000’ बार-बार क्रैश हो रहा था। यमराज ने इमरजेंसी मीटिंग बुलाई। ‘चित्रगुप्त! ये बही-खाते में ‘पाप’ और ‘पुण्य’ के कॉलम में क्या घालमेल हो रहा है? कल तक जो लोग गौ-सेवा, दान-धर्म करके पुण्य कमा रहे थे, उनके खाते में अचानक ‘एंटी-नेशनल’ की एंट्री कैसे हो गई?’ चित्रगुप्त ने अपना सिर पीट लिया। ‘प्रभु, सब इस नए आईफोन का चक्कर है। आर्यावर्त में पुण्य की परिभाषा बदल गई है। अब सबसे बड़ा पुण्य है ‘भगवा आईफोन’ खरीदना। जिसने खरीद लिया, उसके सात खून माफ। और जिसके पास नहीं है, वो चाहे कितना भी बड़ा धर्मात्मा हो, उसे ‘देशद्रोही’ माना जा रहा है। अगर हाथ में भगवा आईफोन है, तो उसे सीधे वीआईपी ट्रीटमेंट के साथ स्वर्ग भेजा जा रहा है, भले ही उसने जीवन भर पाप किए हों।’
यमराज की मीटिंग में यम-007, जो दिल्ली के एक मॉल से ताजा-ताजा लौटा था, ने अपनी हैरान करने वाली रिपोर्ट पेश की। ‘सर, सीन इज टोटली क्रेजी! पीपल आर नॉट बाइंग अ फोन, दे आर बाइंग ‘साल्वेशन’। मैंने एक आदमी को देखा जो अपनी जमीन के कागज गिरवी रखकर फोन खरीद रहा था। मैंने पूछा, ‘भाई, क्या करोगे इसका?’ बोला, ‘देशभक्ति दिखाऊंगा।’ सर, इट्स द न्यू पिलग्रिमेज। उनका मानना है कि इस फोन को हाथ में रखने से मोक्ष जल्दी मिलता है।’ एक दूसरा यमदूत, ‘यम-जेन-जी’, जो रील्स बनाने में एक्सपर्ट था, बोला, ‘ब्रो, लाइक, वी नीड टु अपग्रेड। हमें एप्पल के साथ टाई-अप करना चाहिए। वी कैन लॉन्च अ न्यू सर्विस- ‘आई-मोक्ष’। भगवा आईफोन खरीदते ही आपकी आत्मा का सब्सक्रिप्शन आॅटोमेटिकली स्वर्ग के लिए अपग्रेड हो जाएगा। नो वेटिंग, नो कर्म-चेकिंग। इंस्टेंट डिलीवरी!’ यमराज ने उसे घूरकर देखा, ‘शट अप! हम धर्मराज हैं, कोई कस्टमर सर्विस डिपार्टमेंट नहीं चला रहे। लेकिन… आइडिया बुरा नहीं है।’

