जनवाणी संवाददाता|
सहारनपुर: सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सहारनपुर पुलिस ने जनपद में यातायात व्यवस्था को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए व्यापक अभियान शुरू किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी के सख्त निर्देशों के क्रम में यह अभियान लगातार और समन्वित रूप से चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और आमजन में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
एसएसपी आशीष तिवारी के निर्देश पर जनपद के सभी थानों में क्रिटिकल कॉरिडोर टीमों का गठन किया गया है, जो दुर्घटना संभावित मार्गों, ब्लैक स्पॉट्स, भीड़भाड़ वाले चौराहों, राष्ट्रीय और राज्य मार्गों पर निरंतर निगरानी रख रही हैं। ये टीमें यातायात को सुचारू बनाए रखने के साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई भी कर रही हैं।अभियान के तहत हेलमेट, सीट बेल्ट, निर्धारित गति सीमा, लेन ड्राइविंग, ओवरलोडिंग और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के प्रयोग से बचने को लेकर सघन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। वाहन चालकों को यह स्पष्ट संदेश दिया जा रहा है कि यातायात नियम केवल कानूनी बाध्यता नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
सड़क दुर्घटना की स्थिति में त्वरित राहत और चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया है। पुलिस कर्मियों को निर्देशित किया गया है कि दुर्घटना के बाद गोल्डन आवर का पूरा ध्यान रखते हुए घायलों को बिना देरी के नजदीकी अस्पताल पहुंचाया जाए, ताकि जनहानि को न्यूनतम किया जा सके।दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जनपद के सभी पेट्रोल पंपों पर नो हेलमेट–नो फ्यूल अभियान को सख्ती से लागू कराया जा रहा है। पेट्रोल पंप संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन चालकों को ईंधन न दिया जाए।
वर्तमान शीतकालीन मौसम में कोहरे के कारण दृश्यता कम होने से दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए विशेष सतर्कता बरती जा रही है। ट्रैक्टर-ट्रॉली, भारी वाहनों और धीमी गति से चलने वाले वाहनों पर रिफ्लेक्टर टेप लगाए जा रहे हैं, ताकि उनकी दृश्यता बढ़ाई जा सके। साथ ही नशे या नींद की अवस्था में वाहन चलाने के खतरों को लेकर भी सख्त संदेश दिया जा रहा है और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।सहारनपुर पुलिस ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पूर्ण पालन करें, पुलिस प्रशासन का सहयोग करें और स्वयं भी दूसरों को सुरक्षित यातायात के लिए प्रेरित करें। पुलिस का कहना है कि जनसहयोग से ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाकर सुरक्षित, अनुशासित और जिम्मेदार यातायात व्यवस्था को साकार किया जा सकता है।

