बुजुर्ग ने जीता गोल्ड, 78 साल की उम्र भी नहीं आई आड़े
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: गोवा में आयोजित नेशनल मास्टर्स बैडमिंटन टूर्नामेंट में मेरठ के 78 साल के खिलाड़ी ने डबल्स मैच में स्वर्ण पदक जीता है। प्रतियोगिता में पूरे देश से दो हजार से ज्यादा बैडमिंटन खिलाड़ी शामिल होनें पहुंचे थे। खिलाड़ियों को 35 से लेकर 80 साल तक की कैटेगरी में बांटा गया था। 75 साल से ऊपर आयुवर्ग में 40 खिलाड़ी शामिल रहे, जिनमें से फाइनल में पहुंचने वाली टीम में मेरठ के एमएम लाल श्रीवास्तव व उत्तराखंड के लै. कर्नल वीबी अरोड़ा की टीम ने केरल की टीम को 21-14, 21-13 से हराकर गोल्ड मेडल जीता है।
मेरठ के गगन एंक्लेव में रहने वाले 78 साल के एमएम लाल श्रीवास्तव को बचपन से ही खेलों का शौक रहा है। वह आज भी एक बैडमिंटन एकेडमी में अपने जनून को पूरा करने के लिए पसीना बहाते है। इसी का परिणाम है, जब उन्हें गोवा में आयोजित प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल मिला है। वरिष्ठ खिलाड़ी श्रीवास्तव मेरठ मे चेंबर आॅफ कामर्स के डायरेक्टर के पद पर रह चुके है।
उम्र कोई मायने नहीं रखती
78 साल के बैडमिंटन खिलाड़ी एमएम लाल श्रीवास्तव बचपन से ही शाकाहारी है। उनका मानना है शाकाहार से काई भी इंसान अपने को स्वस्थ्य रख सकता है। दिन में तीन समय खाना खाते समय यदि समय का ध्यान रखा जाए तो उसका शरीर पर साकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही खाने में चिकनाई का प्रयोग कम से कम किया जाए तो और बेहतर रहता है। खेल के लिए उम्र कोई मायनें नहीं रखती, इंसान को यदि अपने को फिट रखना है तो खेलों से अच्छा कुछ नहीं हो सकता।
60 साल की उम्र तक नहीं लगा कोई इंजेक्शन
78 साल के एमएम लाल ने बताया वह 60 साल की उम्र से पहले कभी बीमार हुए थे उन्हें याद नहीं। लेकिन पहली बार उन्हें 60 साल की उम्र में ही एक बार इंजेक्शन लगाया गया था। वह एलोपैथी दवाइयों से भी परेज करते है, उनका मानना है आयुर्वेद में हर मर्ज का इलाज है तो उसे ही इस्तेमाल करना चाहिए।
सुबह जल्दी उठकर करते हैं जागिंग
बैडमिंटन खिलाड़ी एमएम लाल श्रीवास्तव की उम्र जरूर 78 साल है लेकिन जज्बा आज भी युवाओं वाला है। वह रोज सुबह जल्दी उठते है और जागिंग के लिए निकल जाते है। इसके बाद वह नाश्ते में जूस लेते है और फिर हल्का भोजन। दोपहर को भी बेहद सादा भोजन लेने के बाद शाम को बैडमिंटन खेलने के लिए एक एकेडमी में जाते है। यहां करीब दो घंटे तक पसीना बहाने के बाद रात आठ बजे काफी हल्का भोजन जिसमे उबला हुआ खाना ज्यादा होता है वह लेते है।