Friday, March 20, 2026
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समीर वानखेड़े को मिला एससी आयोग का समर्थन

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: क्रूज ड्रग्स मामले के जांच अधिकारी समीर वानखेड़े की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। एनसीबी की विजिलेंस टीम जहां समीर वानखेड़े के ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच में जुटी हुई है, वहीं महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक उनके धर्म और जाति पर सवाल उठाकर घेरने की कोशिश कर रहे हैं।

लेकिन इन सबके बीच वानखेड़े को थोड़ी राहत तब मिली जब राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष अरुण हलदर और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने उनका समर्थन किया।

ईमानदार अधिकारी पर आरोप लगाना गलत

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष अरुण हलदर ने कहा है कि समीर वानखेड़े ने जो काम किया है वह एनसीबी के लिए गर्व की बात है। वानखेड़े ने हमेशा ईमानदारी से काम करने की कोशिश की जिसके चलते वह राजनीतिक तूफान के फंस गए। उन्होंने कहा कि वानखेड़े पर व्यक्तिगत आरोप लगाना गलत है।

वानखेड़े की शादी अंतरधार्मिक विवाह में मान्य

अरुण हलदर रविवार को समीर वानखेड़े के घर पहुंचे थे और जाति से संबंधित प्रमाण पत्र की जांच करने के बाद कहा कि उन्होंने जो कागजात दिखाए उन्हें देखने के बाद ऐसा प्रतीत होता है कि वह अनुसूचित जाति के महार समाज से संबंध रखते हैं।

उन्होंने बताया कि समीर की मां मुस्लिम थी जिनका देहांत हो चुका है और उनकी पहली शादी मुस्लिम महिला से हुई थी जिसका पंजिकरण स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत हुआ था। अरुण हलदर ने कहा कि यह विवाह अंतरधार्मिक विवाह में मान्य है।

वानखेड़े आरक्षण के माध्यम से IRS बने

वानखेड़े परिवार से मुलाकात के बाद अठावले ने कहा कि एनसीबी अधिकारी समीर वानखेड़े पर जानबूझकर हमले किए जा रहे हैं, उनके व्यक्तिगत जीवन में जाकर फोटो वायरल किए जा रहे हैं। रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से मैं नवाब मलिक को बताना चाहता हूं कि आपको समीर वानखेड़े और उनके परिवार को बदनाम करने का षड्यंत्र रोकना चाहिए।

उन्होंने कहा कि रिपब्लिकन पार्टी पूरी ताकत से समीर वानखेड़े के पीछे रहेगी। समीर वानखेड़े दलित समाज के हैं और उनको आरक्षण लेने का अधिकार है, वो आरक्षण के माध्यम से IRS बने हैं। नवाब मलिक के आरोप में बिल्कुल तथ्य नहीं है।

वानखेड़े जन्मजात मुसलमान

महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने रविवार को कहा कि मैं अपने बात पर अब भी कायम हूं कि वो एससी सर्टिफिकेट में फर्जीवाड़ा करके उस पद पर बैठे हैं, उन्होंने एक गरीब एससी का अधिकार छीना है।

उन्होंने कहा कि यह बात भी बिल्कुल सच है कि समीर वानखेड़े ने धर्म परिवर्तन नहीं किया क्योंकि वे जन्म से मुसलमान हैं, उनके पिता ने धर्म परिवर्तन किया था।

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