Friday, March 20, 2026
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सौरभ की जानकारी से कस सकता है मौलाना कलीम पर शिकंजा

स्थानीय मददगारों पर भी लटक सकती है कार्रवाई की तलवार

जनवाणी संवाददाता |

लावड़: कस्बा निवासी युवक ने तकरीबन आठ वर्ष पूर्व धर्म परिवर्तन कर मुस्लिम धर्म अपना लिया था। हालांकि कुछ दिन पूर्व युवक ने मुस्लिम धर्म त्याग कर हिंदू धर्म में वापसी कर ली थी। मौलाना कलीम की गिरफ्तारी के बाद एकाएक मामला दोबारा से चर्चा में आ गया है।

बता दे कि जबरन धर्मांतरण व विदेशी चंदा मामले में मुजफ्फरनगर के फुलत निवासी मौलाना कलीम सिद्दीकी को पुलिस ने मेरठ एक कार्यक्रम से वापस घर लौटते वक्त हिरासत में लिया था। जिसके बाद मौलाना कलीम को एटीएस ने पूछताछ के लिए 10 दिन की रिमांड पर ले लिया। मौलाना कलीम पर शिकंजा कसने के लिए एटीएस जहां गहनता से खोजबीन कर रही है, वही धर्मांतरण के शिकार लोगों से संपर्क कर उन्हें मौलाना के खिलाफ गवाह बनाने की तैयारी में है।

तकरीबन आठ वर्ष बाद हिन्दू धर्म मे वापसी कर चुके लावड़ निवासी सौरभ गुप्ता को भी एटीएस रविवार को अपने साथ ले गई। कयास लगाए जा रहे हैं कि संभवत: सौरभ गुप्ता का भी धर्म परिवर्तन मौलाना कलीम ने ही कराया था। पूछताछ में सौरभ से मिली जानकारी के बाद मौलाना कलीम की मुश्किलें बढ़ सकती है। सौरभ गुप्ता को मौलाना के खिलाफ गवाह भी बनाया जा सकता है।

परिवार ने तोड़ लिया था नाता

बताया जाता है कि सौरभ ने प्रेम प्रसंग के चलते धर्म परिवर्तन किया था। जिसके बाद उसके परिवार ने उससे नाता तोड़ लिया था। आठ वर्ष के दौरान सिर्फ कोरोना काल में पिता की मृत्यु की जानकारी पर सौरभ घर पहुंचा था। हाल ही में सौरभ हिंदू धर्म में वापसी कर लावड़ वापस लौटा था। फिलहाल के घटनाक्रम से ये भी संभावनाएं जताई जा रही है कि सौरभ के धर्म परिवर्तन में कस्बे सहित क्षेत्र के अन्य मददगारों को भी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

धर्मांतरण के मुकदमों को खंगाल रही एटीएस

धर्मांतरण के मामले में उठाए गए फुलत के मौलाना कलीम सिद्दीकी की गिरफ्तारी के बाद अब एटीएस ने धर्मांतरण से जुड़े मुकदमों को खंगालना शुरु कर दिया है ताकि ऐसे लोगों का पता लग सके जो धर्मांतरण के काम में लगे हुए हैं। मेरठ जोन में धर्मांतरण के नए कानून के तहत नौ मुकदमे दर्ज हुए। जिसमें तीन मुकदमे मेरठ में मुंडाली, सरधना और कंकरखेड़ा थाने में लिखे हैं। इन सब मुकदमों के बारे में एटीएस ने जानकारी लेकर धर्मांतरण के शिकार हुए लोगों के बारे में भी पता लगाया जा रहा है।

लिसाड़ीगेट, कोतवाली, नौचंदी और किठौर इलाके में कई लोग सुरक्षा एजेंसी के रडार पर हैं। रतनपुरी के फुलत मदरसे के संचालक मौलाना कलीम के बाद से एटीएस ने उनके नजदीकियों पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। गुरुवार की सुबह एटीएस ने मदरसे के एक पदाधिकारी को पूछताछ के लिए उठा लिया था। मौलाना का करीबी अपने परिवार के साथ खतौली में ही रहता है। बताया जाता है कि मौलाना के करीबी के पास मदरसे के लेनदेन का हिसाब रहता है। सूत्रों के मुताबिक धर्मांतरण के अलावा विदेशों से मिलने वाली फडिंग के बारे में भी इस करीबी को पूरी जानकारी है।

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