Monday, October 25, 2021
- Advertisement -spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
- Advertisement -spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
HomeUttar Pradesh NewsMeerutनिगम ने खड़े किए हाथ तो खुद संभाली कमान

निगम ने खड़े किए हाथ तो खुद संभाली कमान

- Advertisement -
  • नगर निगम का बड़ा खेल नाले की सफाई के लिए 11 लाख का बताया खर्च
  • नालों में भरी पड़ी सिल्ट को निकाल रहे स्थानीय लोग चला रखा है अभियान

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: नगर निगम आए दिन किसी ने किसी मद में सुर्खियों में रहता है। चाहे वह शहर की सडकों से उठने वाली गंदगी हो, नाली सफाई हो या फिर नाला सफाई का मामला। निगम के पास दावे हजार है, लेकिन हकीकत इससे परे है। हाल में निगम ने 11 लाख रुपये का खर्च बताकर नाले की सफाई का दावा किया, लेकिन आज भी वह नाला सिल्ट से भरा हुआ है। यहां पर लोग खुद ही नाले की सफाई करने में लगे हुए हैं।

नगर निगम के खेल दावे वादे हर बार नए होते हैं, लेकिन इन दावे वादे और खेल का झेल शहर की जनता को झेलना पड़ता है। नगर निगम से हर दिन शहर के नालों की सफाई के लिए मशीनें निकलती है, लेकिन वह कहां जाती है और कहां नाले नाली साफ करती है। किसी को नहीं पता अगर पता है तो इस पर होने वाले खर्च का। हाल ही एक मामला प्रकाश में आया। जहां पर निगम ने नाला सफाई के लिए 11 लाख रुपये खर्च कर दिए, लेकिन नाला आज भी गंदगी से पटा पड़ा है।

बात करें तो नगर निगम के वार्ड-58 सुभाषनगर के मुख्य नाले की सफाई के लिए गाजियाबाद की एक कम्पनी को सफाई की ठेका दिया गया था। यह कम्पनी नगर निगम से भी दो कदम आगे निकली और दूसरी फर्म का काम देकर नाले की सफाई के दौरान दो माह तक नाले की सिल्ट निकालकर कर वही सड़क पर ढेर लगाकर लोगों को दिखाई गई। सफाई के कई-कई दिनों तक यह सिल्ट उठायी नहीं गई।

काम पूरा होने के बाद निगम ने ठेकेदार को 11 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। भुगतान के बाद ठेकेदार ने नालों से निकली सिल्ट को उठाने के बजाय वहीं नालों के बीच डलवा दी। सिल्ट डलने नाले का पानी ऊपर चढ़ने लगा, बारिश होने पर नाले का पानी लोगों के घरों में जाने लगा। स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत नगर निगम के अधिकारियों से की, लेकिन निगम के अधिकारी तो कान बंद किए बैठे हैं।

आलम यह है कि शिकायत पर जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो यहां के लोगों ने अब खुद ही फावड़े, तसले लेकर नालों की सफाई का काम शुरू कर रखा है। पिछले कई दिनों से स्थानीय लोग दो से तीन घंटे तक खुद नाले की सिल्ट निकालने का काम कर रहे हैं। स्थानीय निवासी मनोज गोस्वामी ने बताया कि नाले में सिल्ट जमा होने से नाले के पानी का लेवल बढ़ जाता है जो पानी लोगों के घरों में जाता है। अब यहां पर स्थानीय लोग खुद ही इस नाले की सफाई कर रहे हैं।

What’s your Reaction?
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
+1
0
- Advertisement -

Leave a Reply

- Advertisment -spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Most Popular

- Advertisment -spot_img

Recent Comments