नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। हिंदू धर्म में सावन का महीना विशेष महत्व रखता है। यह माह न केवल हरियाली और वर्षा ऋतु की ताजगी का प्रतीक है, बल्कि भक्ति और तपस्या का भी सर्वोत्तम काल माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, यह शिव जी का प्रिय मास है। इस पावन अवधि में शिवलिंग पर जलाभिषेक, व्रत, रुद्राभिषेक और महामृत्युंजय जाप जैसे अनुष्ठान करने से साधक को आर्थिक समृद्धि, सामाजिक प्रतिष्ठा और शारीरिक बल की प्राप्ति होती है। साथ ही यह समय आत्मिक शुद्धि और ईश्वर से एकात्मता स्थापित करने के लिए सबसे उत्तम माना गया है।
पौराणिक कथा के अनुसार सावन माह में माता पार्वती की तपस्या से प्रसन्न होकर शंकर जी ने देवी को पत्नी के रूप में स्वीकारा था। इसलिए इस माह की उपासना का विशेष महत्व होता है। वहीं इस बार 11 जुलाई से सावन शुरू हो रहा है और 9 अगस्त 2025 को समापन। चूंकि यह महाकाल का प्रिय महीना है, इसलिए कुछ खास कामों को करने से बचना चाहिए अन्यथा जीवन में नकारात्मकता आ सकती हैं। आइए इसके बारे में जानते हैं।
भूलकर भी सावन में न करें ये काम
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन महीने में बाल और दाढ़ी नहीं कटवाने चाहिए। इससे जीवन में नकारात्मकता आती हैं।
आप सावन माह में सिर और शरीर पर तेल न लगाएं। मान्यता है कि इससे सुख-समृद्धि प्रभावित होती है।
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक सावन बेहद पवित्र महीना होता है, इस पूरे माह भूलकर भी तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा घर में भी प्याज व लहसुन का उपयोग न करें।
सावन में शिवलिंग की पूजा का विधान है। इससे परिवार में सुख-शांति और मानसिक तनाव में कमी आती है। लेकिन भूलकर भी आप तुलसी, कुमकुम, केतकी का फूल और हल्दी शिवलिंग पर न चढ़ाएं। यह अशुभ हो सकता है।
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक सावन में शिवलिंग पर दूध चढ़ाने का विधान है। इसलिए इस पूरे माह दूध का सेवन नहीं करना चाहिए।
यदि आप सावन माह में व्रत रख रहे हैं, तो आपको जमीन पर सोना चाहिए। इसके अलावा दिन में सोने से भी बचें।
सावन माह में महिलाओं का अपमान, बड़ो को अपशब्द और क्रोध करने से बचना चाहिए। इससे नकारात्मकता आती है।
सावन में भगवान शिव की परिक्रमा नहीं करनी चाहिए। इसे उचित नहीं माना जाता है।

