- सभी बोर्ड के स्कूलों पर लागू होंगे आदेश
- पालन न करने वालों पर होगी कार्रवाई
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: उत्तर प्रदेश के लाखों अभिभावकों के लिए खुशखबरी है। कोरोना महामारी के समय यूपी सरकार ने अभिभावकों को राहत दी थी, लेकिन कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए प्रदेश सरकार ने एक बार फिर अभिभावकों को राहत देते हुए स्कूलों को फीस न बढ़ाने के आदेश जारी किए है।
बता दें कि उत्तर प्रदेश में स्कूल फीस को लेकर सरकार ने बेहद अहम् आदेश जारी किया है। यह सभी बोर्ड के स्कूलों पर लागू होगा। भारत सरकार के आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 2 (जी) के अंतर्गत कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के कारण फैल रही महामारी को आपदा घोषित किया गया है। जिसके चलते शैक्षिक सत्र 2020-21 और 2021-22 के सत्र के लिए सभी बोर्ड के स्कूल शुल्क वृद्धि नहीं कर सकेंगे।
स्कूल यह शुल्क वृद्धि सत्र 2022-23 में ही कर पाएंगे। दो साल से कोरोना के चलते लोगों की आय में वृद्धि नहीं हो पा रही है जिसकों सोचते हुए सरकार अभिभावकों का व्यय बढ़ाना नहीं चाहती है। पठन-पाठन का कार्य भी आनलाइन ही चल रहा है और अभी स्कूल खुलने की भी कोई उम्मीद नहीं की जा रही है वहीं शासन की ओर से अभी तक दसवीं और बारहवीं का का परीक्षा कार्यक्रम भी जारी नहीं किया गया है।
ऐसे में लग रहा है कि कही कोरोना के कारण गत वर्षों की भांति परीक्षाओं को रदद् कर छात्र-छात्राओं को प्रमोट न कर दिया जाए। देखा जाए तो कोरोना के चलते क्रीड़ा, विज्ञान प्रयोगशाला, लाइब्रेरी कंप्यूटर, वार्षिक फंक्शन जैसी गतिविधियां नहीं हो रही है। इसलिए उनका शुल्क भी नहीं लिया जा सकेगा। सरकार ने कोरोना काल में पूरी संवेदनशीलता के साथ यह निर्णय लिया है। जिला विद्यालय निरीक्षक गिरजेश कुमार चौधरी ने कहा कि यह आदेश सभी बोर्ड के स्कूलों पर लागू होंगे सभी को इनका पालन करना होगा।

