- तहसील न्यायालय में भी खाली पड़ी रहती है कुर्सी, कार्य कराने आने वाले लोग परेशान
- सारी प्रक्रिया आॅनलाइन होने के बावजूद काट रहे तहसील के चक्कर
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिये प्रदेश सरकार सारी प्रक्रियाएं आॅनलाइन करती जा रही है, लेकिन इसके बावजूद लोगों के कार्य नहीं हो पाते। लोग कार्य कराने के लिये कार्यालय पहुंचे तो वहां उन्हें अधिकारी नहीं मिल पाते। कुछ ऐसा ही हाल शुक्रवार को तहसील कार्यालय का देखने को मिला। यहां न तो कर्मचारी कुर्सी पर बैठते हैं और न ही तहसीलदार।

तहसील में पहले आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, वारिसान आदि प्रमाण पत्र बनवाने के लिये लोगों को चक्कर लगाने पड़ते थे। फिर शासन की ओर से सारी प्रक्रियाएं आॅनलाइन की गर्इं, लेकिन स्थिति आज भी पहले ही जैसी है। लोगों को प्रमाण पत्र बिना सेटिंग के बन ही नहीं पाते।
लोग आॅनलाइन आवेदन को कर देते हैं, लेकिन उनके वेरिफिकेशन तहसील स्तर पर अधिकारियों द्वारा ही किये जाते हैं और अधिकारी बिना खर्चे पानी के कार्य करते नहीं। पारदर्शी प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद यहां लोग अपने कार्य के लिये चक्कर लगा रहे हैं। शुक्रवार को भी कुछ ऐसा ही हाल दिखा। लोग यहां अपने वारिसान आदि प्रमाण पत्रों की जांच कराने पहुंचे, लेकिन उनके कार्य अधिकारियों के न मिल पाने के कारण नहीं हो पाये।
तहसीलदार कार्यालय का दरवाजा मिला बंद
लोग अपने कार्यों के लिये अधिकारियों से मिले भी तो कैसे। अधिकारी कार्यालय में मिलते ही नहीं। शुक्रवार को कुछ लोग अपने कार्य के लिये तहसील पहुंचे, लेकिन 12 बजे के आसपास ही तहसीलदार शिल्पा एरन के कमरे का दरवाजा बंद मिला। फिर उन्हें तहसील स्थित न्यायालय में देख तो वहां भी उनकी कुर्सी खाली पड़ी थी। ऐसे में लोग अपनी समस्या को लेकर उनसे मिले तो भी कैसे मिले। वहीं पास ही स्थित कार्यालय से जानकारी मिली कि तहसीलदार मैडम ज्यादातर अपने बंगले पर ही बैठती हैं और वहीं लोगों से मिलती है।

