Sunday, March 22, 2026
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श्मशान, कब्रिस्तान से जुदा है सरकारी आंकड़े

  • गत सप्ताह से प्रतिदिन 50 से ज्यादा शव पहुंच रहे श्मशान और कब्रिस्तान

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: कोरोना संक्रमण के बीच सरकारी आंकडों में भले ही मौत के आकड़े कम दिखाई दे रहे हो, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात काफी भयवाह देखने को मिल रहे है। श्मशान घाट हो या फिर कब्रिस्तान जहां पहले पांच से छह लोगों के शव का अंतिम संस्कार एवं मैयत को दफन किया जाता था।

वहां पर एक सप्ताह पहले संख्या काफी चितिंत करने वाली थी। क्योंकि जहां सूरजकुंड श्मशान घाट में प्रतिदिन 40 से 50 लोगों के शवों का अंतिम संस्कार किया गया। वहीं, कब्रिस्तानों में 70-80 लोगों की रोजाना मैयत दफन हो रही है। हालांकि एक सप्ताह से आंकडों की संख्या कुछ कम हुई है।

कोरोना संक्रमण के पश्चात हालात इतने भयवाह देखने को मिले कि सूरजकुंड में शवदाह तक कम पड़ गए। जिसकों देखते हुए नगर निगम द्वारा सूरजकुंड पर नए शवदाह बनाएं गए। वहीं कब्रिस्तान में तो मिट्टी तक कम पड़ गयी। जिसके पश्चात शहर विधायक रफीक अंसारी ने हालात को देखते हुए अपनी विधायक निधि के माध्यम से मिट्टी का इंतजाम करने के लिए भी सरकार से अपील की गई। ताकि लोगों की मैयत को मिट्टी नसीब हो सके।

क्योंकि मिट्टी न होने के कारण मैयत को दफन करने में भी परेशानी हो रही थी। शहर में सूरजकुंड श्मशान घाट पर ही अधिक्तर लोगों का अंतिम संस्कार किया जाता है। वहीं,बाले मियां कब्रिस्तान, शाह पीर साहब कब्रिस्तान, हाजी साहब कब्रिस्तान, जब ए दारिया कब्रिस्तान, मखदूम शाहर बिलायत कब्रिस्तान बड़े कब्रिस्तान है। जहां पर मुस्लिम लोगों की मैयत को दफन किया जाता है।

मुफ्ती मौं अशरफ ने बताया कि बाले मियां कब्रिस्तान में कोरोना से पहले प्रतिदिन पांच से छह लोगों की मैयत ही दफन होती थी, लेकिन कोरोना काल में पिछले एक माह में लगभग 34 लोगों की मैयत को दफन किया गया था, लेकिन अब ऊपर वाले के रहमत है कि संख्या में गिरावट हुई है। पूर्व पार्षद हिफ्जुर्रहमान अंसारी ने बताय कि कोरोना काल में कब्रिस्तान में मिट्टी भी कम पड़ गयी।

इसलिए सरकार से मांग की गई कि मिट्टी का इंतजाम किया जाएं। क्योंकि बाले मियां कब्रिस्तान, शाह पीर साहब कब्रिस्तान, हाजी साहब कब्रिस्तान, जब ए दारिया कब्रिस्तान, मखदूम शाहर बिलायत कब्रिस्तान बड़े कब्रिस्तान है। जिनमें प्रत्येक दिन कोरोना काल में एवरेज 70-80 जनाजे आएं।

जिससे मिट्टी कब पड़ गई। शहर विधायक रंफीक अंसारी ने कहा कि कोरोना काल में सरकार आंकडों को छुपा रही है। क्योंकि पिछले एक माह की बात की जाएं तो हर चौथे घर में कोरोना संक्रमित व्यक्ति था। वहीं, लोगों की मृत्यु भी काफी हो रही थी। जिस कारण मिट्टी भी कम पड़ गई थी।

इसलिए उन्होंने अपनी निधि से मिट्टी का इंतजाम करने के शासन को पत्र भेजा। जिससे मैयत दफन करने में परेशानी ना हो। गंगा मोटर कमेटी के पदाधिकारी दिनेश जैन की माने तो एक सप्ताह पहले 40 से 50 तक शव प्रतिदिन आ रहे थे।


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