- एक आरोपी गिरफ्तार, 16 लोग फरार
जनवाणी संवाददाता |
परतापुर: बीती रात सौलाना गांव में भूसे से भरी बुग्गी द्वारा बाइक सवारों को साइड न देने पर हुए गाली-गलौज के बाद बुग्गी सवार ने अपने साथियों के साथ बाइक सवारों के घर पर हमलाकर बाइक सवार पर गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। घटना से गांव में दहशत का माहौल बन गया। सोमवार को पूरे दिन गांव में सन्नाटा पसरा रहा, फोर्स तैनात रहा।
रात में सौलाना निवासी आमिर पुत्र इसरार भूसे से भरी बुग्गी लेकर घर जा रहा था। तभी आफाक पुत्र साजिद बाइक से आया और साइड मांगी, साइड न दिए जाने पर दोनों के बीच गाली-गलौज हो गई थी।
इस दौरान काफी लोग एकत्र हो गए थे और दोनों के बीच बीच बचाव करा दिया था। इसके बाद आफाक अपने साथी औरंगजेब, जियाउल हक, शहरुखव नादिर को लेकर आमिर के घर पहुंच गया और महिलाओं के साथ मारपीट करते हुए ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। जिसमें दो गोली आमिर को लगी उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इस घटना से सौलाना में अफरातफरी मच गई। सूचना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में एसएसपी, एसपी सिटी, सीओ सहित तीन थानों की फोर्स सौलाना पहुंच गई। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को मोर्चरी भेज दिया।

सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद आमिर के शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे। उसके बाद सोमवार को पूरे दिन गांव में सन्नाटा पसरा रहा और फोर्स तैनात रही, दबिशों का दौर भी जारी रहा। पुलिस ने 17 लोगों को हिरासत में लिया हुआ है। जिनसे पूछताछ जारी है। मृतक के भाई मोहसीन पुत्र इसरार ने घटना की तहरीर दी।
जिसमें सौलाना निवासी अफजाल पुत्र अखलाक, शाहरुख पुत्र हाफिज महमूद, आफाक पुत्र साजिद, आबाद पुत्र साजिद, हुमायूं पुत्र मारुफ व औरंगजेब पुत्र तैमूर सहित दर्जनभर अज्ञात को नामजद किया है। रिपोर्ट के बाद पुलिस ने टीमें बनाकर दबिशों का दौर शुरू कर दिया। इंस्पेक्टर रामफल सिंह का कहना है कि शाहरुख पुत्र हाफिज को गिरफ्तार किया गया है। अन्य हत्या में शामिल हत्यारे जल्द पुलिस गिरफ्त में होंगे।
हमले में घायल शिक्षिका की अस्पताल में मौत
किठौर: किठौर में पुलिस की नाक के नीचे अपने ही मकान में जानलेवा हमले का शिकार हुई प्राइवेट स्कूल की शिक्षिका ने सोमवार देर शाम मेरठ के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मौत की सूचना पर परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने रिपोर्ट को हत्या में तरमीम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है।
10 अप्रैल की शाम करीब 7:30 बजे मोहल्ला नईबस्ती निवासी एसएमप्लेवे स्कूल की शिक्षिका राजबाला पर थाने से सटे उसके मकान में धारदार हथियार से उस वक्त हमला कर दिया गया था जब वह पड़ौसी गांव झीड़ियों से दूध लेकर लौटी थी। पीड़िता के सिर पर गहरे घाव थे। घटना के कुछ देर बाद घर पहुंचे नौकर ने शिक्षिका को लहूलुहान स्थिति में अचेत पड़ी देख इकलौते बेटे संचित को सूचना दी।
संचित दुकान बंद कर मामा धर्मपाल के साथ दौड़कर घर पहुंचा और पुलिस को सूचना देते हुए घायल मां को तुरंत मेरठ अस्पताल ले गया। जहां से गंभीर हालत के चलते उन्हें सर गंगाराम अस्पताल दिल्ली रेफर कर दिया गया। इस बीच पीड़िता के भाई धर्मपाल ने अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कराई है।

उधर काफी प्रयास के बाद भी हालत स्थिर होने पर परिजनों ने राजबाला को मेरठ लाकर निजी अस्पताल भर्ती करा दिया। वहां देर रात उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना पर परिवार में कोहराम मच गया। इंस्पेक्टर विनय कुमार ने मुकदमें को हत्या में तरमीम कराते हुए हल्का इंचार्ज को अस्पताल भेजा। जिसके बाद शव मोर्चरी ले जाया गया।
अंधेरे में तीर चला रही पुलिस
घटना के तुरंत बाद प्रभारी निरीक्षक ने फोरेंसिक, सर्विलांस और डॉग स्क्वायड टीम को मौके पर बुलवाया। टीम को घटनास्थल पर लोहे का एक पाइप मिला। शिक्षिका द्वारा लाए गए सामान का थैला और दूध का डिब्बा भी पुलिस ने मौके पर देखा।
पड़ोसियों से पूछताछ में पता चला कि शिक्षिका के चीखने की आवाज आई थी, लेकिन रोजे के वक्त में उसे अनसुना कर दिया गया। शिक्षिका के पीछे-पीछे भी किसी व्यक्ति के मकान में घुसने की बात पुलिस के सामने आई है। तमाम बातों से लग रहा है कि अभी पुलिस अंधेरे में तीर चला रही है।
खुलासे पर निगाहें
वारदात के अगले दिन रामलीला मैदान में इंस्पेक्टर संग बैठक कर चुके कस्बे के व्यापारियों और स्कूल संचालकों की खुलासे पर पैनी नजर है। वह घटना के शीघ्र और सटीक खुलासे की मांग कर चुके हैं, लेकिन 15 दिन में हमलावर के हत्यारोपी बनने के बाद भी पुलिस टीमों का बेनतीजा होना शर्मनाक है। पीड़ित परिवार और व्यापारियों का कहना है कि पूछने पर इंस्पेक्टर जांच और विवेचना का राग अलाप देता है।
गम और गुस्से में व्यापारी
राजबाला की मौत पर कस्बे के व्यापारियों में गम और गुस्सा साफ दिखाई दिया। मुख्य बाजार बंद कर व्यापारी काफी संख्या में मेरठ के लिए रवाना हुए। इस दौरान व्यापारी पुलिस की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट और नाराज दिखाई दिए।
महिला की हत्या कर शव पंखे पर लटकाया
थाना मवाना के गांव नासरपुर निवासी प्रियंका पुत्री रामप्रसाद की शादी चार साल पूर्व भावनपुर थाना के गांव नंगलाशाहू निवासी कृष्ण पाल पुत्र इंद्रजीत के साथ हुई थी। जिससे एक ढाई साल की बेटी है। प्रियंका के भाई नेपाल ने बताया कि उसके पिता बचपन मे ही छोड़कर स्वर्गवास हो गया था। उसकी मां सत्तो देवी ने ही उसकी तीनों बहन मीनाक्षी, प्रिंयका व एक अन्य का लालन पालन मेहनत मजदूरी करके किया था।
रविवार को देर रात उसकी बहन के पति कृष्ण पाल का फोन आया कि प्रियंका ने पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। इस पर मृतक के भाई नेपाल ने पुलिस को दहेज के चलते हत्या कर शव पंखे से लटका कर मारने की जानकारी दी। वहीं, सूचना मिलते ही थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी करते हुए शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

हिमाचल से आने के बाद की रिपोर्ट मृतक का इकलौता भाई नेपाल हिमाचल में किसी निजी कंपनी में मजदूरी का काम करता है। अपनी बहन की मौत की देर रात जानकारी मिलने के बाद सोमवार को उसका भाई नेपाल थाना भावनपुर पहुंचा और पति सहित छह लोगों को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई।
बाइक न मिलने पर करता था मारपीट
मृतक के भाई नेपाल ने बताया कि उसकी बहन का पति शादी के कुछ समय के बाद ही उसके साथ दहेज में बाइक न लाने को लेकर मारपीट करता था।

