एनएएस कॉलेज के पास स्थित पुल में जम चुका कूड़ा दुर्गंध से लोग परेशान
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: निगम खुद ही अपने सफाई अभियान को चूना लगा रहा है। एक तरफ सफाई कर्मी सिल्ट निकाल रहे हैं तो फिर इसे उठाने की सुध नहीं ली जाती है। इससे जनता के धन की भी बबार्दी हो रही है। शहर के एनएएस डिग्री कॉलेज के पास स्थित नाले के पुल के नीचे जमी सिल्ट पिछले दिनों हुई नाला सफाई के बाद धीरे-धीरे फिर से उन्हीं नालों का हिस्सा बन गई तो आसपास के लोग भी खुद अपने घरों के बाहर जलभराव को न्योता दे रहे हैं। मकान और दुकान का कूड़ा सीधे नालों में फेंके जाने से नाला फिर गंदगी से अट गया है।
शहर के काफी स्थानों पर नगर निगम की लापरवाही सफाई के रूप में देखने को मिल रही है। जहां एक तरफ नागरिक गंदगी के कारण परेशान है। वहीं, दूसरी ओर निगम चेन की नींद सोया हुआ है। हाल ये है कि लोगों को सरकार के काम निजी खर्च में कराने पड़ रहे हैं। नगर निगम द्वारा दावा किया जाता रहा है कि निगम शहर में सफाई का ध्यान रखते हुए कार्य कर रहा है, लेकिन सच्चाई तो कु छ और ही दिखाई पड़ रही है।
कई बार निगम को जनवाणी शहर की साफ-सफाई की हकीकत दिखा चुका है, लेकिन निगम वही अस्थायी कार्रवाई करता है। जिसके कारण लोगों को परेशानी से छुटकारा पाना मुश्किल हो रहा है। हाल ही में पुरानी मोहनपुरी के नाले में जमी सिल्ट का वर्णन जनवाणी में किया गया। जिसके बाद निगम ने अस्थायी कार्रवाई करते हुए स्थिति को स्थिर छोड़ दिया।
सड़ांध से नाक ढापकर निकलने को मजबूर नागरिक
एनएएस डिग्री कॉलेज के पास स्थित नाले के पुल के नीचे जमे कू ड़े को कई दिनों से साफ नहीं कराया गया। स्थिति ये हो चुकी है कि नाले के पानी के बहाव को रोकने के लिए काफी है। नाले के बराबर से एक रास्ता लोगों द्वारा प्रयोग में लिया जाता है। सेंट थॉमस स्कूल का एक गेट भी इस रास्ते की ओर है, लेकिन कू ड़े को साफ न किए जाने के कारण भयंकर सड़ांध का सामना लोगों को करना पड़ रहा है और नागरिक नाक ढापकर निकल रहे हैं।
नालों पर अतिक्रमण भी जिम्मेदार
सड़क के दोनों तरफ नालों पर कई स्थानों पर अतिक्रमण की समस्या है। कहीं नालों पर ही दुकान बनाई हैं तो कहीं मकान-दुकानों के स्लैब हैं। अतिक्रमणों के कारण ही कई जगह नाले मोड़ दिए गए हैं। इन कारणों से नालों की ठीक तरह सफाई नहीं हो पाती और सिल्ट जमा रहता है।
पूरे मार्ग पर गंदगी ही गंदगी
एनएएस डिग्री कॉलेज के पास स्थित नाले के पुल के नीचे गंदगी का नजारा दिखाई पड़ा। आसपास के लोगों ने बताया नगर निगम के सफाई कर्मी कई दिन से यहां कार्य पर नहीं आए हैं। निजी सफाई कर्मियों को रुपये देकर कार्य कराना पड़ता है, लेकिन वे भी ठीक तरह कार्य नहीं करते।

