- फंगल इंफेक्शन के मरीजों की संख्या बढ़ी, मेडिकल में रोजाना पहुंच रहे 350 से 400 मरीज
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: बरसात का मौसम आते ही त्वचा रोगियों की संख्या बढ़ने लगती है। इसका मुख्य कारण है बारिश के पानी में भीगना। इस समय अकेले मेडिकल के त्वचा रोग विभाग में ही रोजाना साढ़े तीन से चार सौ मरीज त्वचा की अलग-अलग बीमारियों से ग्रसित होकर पहुंच रहे हैं। जबकि आम दिनों में इनकी संख्या आधी रहती है। त्वचा रोगियों की बढ़ती सें संख्या में ज्यादातर फंगल इंफेक्शन (दाद) के मरीज है जबकि एग्जिमा, इचिंग, शरीर पर दानें व पित्त निकलने के मरीज भी सामने आ रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या चालीस वर्ष से ऊपर आयु के मरीजों की है, जबकि बच्चों में त्वचा रोगी ज्यादा सामने नहीं आ रहे हैं।
बच्चों में सबसे कॉमन है सनबर्न व घमौरियां। त्वचा रोगों की मुख्य वजह वातावरण में नमी भी है, नमी के कारण बगलों व जांघों में खुजली के बाद दानें होना आम बात है, लेकिन इसकी अनदेखी करने से खाज लगने के बाद दाद व घाव होने का खतरा रहता है। वहीं, गर्भवती महिलाओं को त्वचा रोगों से बचाव के लिए विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है। प्रेगनेंसी के बाद महिलाओं के चेहरे पर झाईयां पड़ने के मामले भी सामने आते है। बचाव के लिए यदि आपकी त्वचा पर जरा सी भी खुजली होती है तो तुरंत अच्छे चर्मरोग विशेषज्ञ को दिखाना चाहिए।
कोशिश करें कि अपने शरीर को सूखा व हवादार रखें, ज्यादा तंग कपड़े नहीं पहनने चाहिए। बरसात व गर्मी में पसीने आने पर कोशिश करें कि बाहर से आने के बाद तुरंत स्नान जरूर करें। सनबर्न से बचने के लिए अच्छी सन्सक्रीम का प्रयोग करें, वहीं बच्चों को घमौरियां होने पर उनकी त्वचा पर बर्फ की सिकाई करनी चाहिए। साथ ही खान-पान का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए, जितना हो सके तरल पदार्थ जैसे लस्सी, शिकंजी व जूस का सेवन करें। ऐसे किसी भी खाद्य पदार्थ का सेवन करने से बचें जो हजम होने में समय लेता हो।

