- 21 मई तक 7310 अपात्रों ने राशन कार्ड सरेंडर किए
जनवाणी संवाददाता |
सहारनपुर: अपात्र राशन कार्ड होल्डरों से लिए गए राशन की बाजार भाव से आपूर्ति विभाग वसूली करेगा। इसी के चलते हर तहसील में पूर्ति कार्यालयों में राशन कार्ड सरेंडर करने की लाइनें लगी है।
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जनपद में 21 मई तक कुल 7310 राशन कार्ड सरेंडर किए जा चुके हैं। जनपद में सबसे अधिक नकुड़ तहसील में 1800 राशन कार्ड सरेंडर किए गए हैं। जबकि सबसे कम 629 राशन कार्ड 21 मई तक बेहट तहसील में सरेंडर किए गए हैं।
केंद्र सरकार व प्रदेश सरकार द्वारा पात्र गृहस्थी राशन कार्ड धारकों व अंत्योदय राशन कार्ड धारकों को उचित दर की दुकान के माध्यम से निशुल्क राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। इस कारण कोरोना काल में पात्र लोगों को बड़ी राहत मिली थी। लेकिन शिकायतें आ रही थी कि इन योजनाओं का लाभ अपात्र लोगों द्वारा भी लिया जा रहा है।
जिसके चलते कई पात्रों को पूर्ती कार्यालय के चक्कर लगाने के बाद भी राशन कार्ड नहीं बन पा रहा था। चूंकि जनपद में लक्ष्य दोनों योजनाओं के कार्ड का लक्ष्य पूरा था। लेकिन प्रदेश स्तर से अब राशन कार्डों के सत्यापन का कार्य शुरु किया गया है। लेकिन इससे पहले शासन द्वारा अपात्र राशन कार्ड होल्डरों को सुधार का मौका देते हुए राशन कार्ड सरेंडर करने को कहा गया है।
जिसकी अंतिम तारिख 31 मई निर्धारित की गई है। इसके बाद यदि सत्यापन में कोई अपात्र राशन कार्ड योजना का लाभ लेता हुआ पाया जाता है तो उससे लिए गए राशन की बाजार भाव से वसूली की जाएगी। इसी के चलते अपात्र राशन कार्ड धारकों में हडकंप है।
21 मई तक अभी तक देवबं तहसील में 1020 कार्ड, नकुड़ में 1800 कार्ड, सदर में 1425 ,रामपुर मनिहारन में 906 कार्ड, बेहट में 629 कार्ड जबकि नगर निगम में 1530 कार्ड सरेंडर किए जा चुके हैं। यानि की अभी तक जनपद में 7310 अपतात्र लोगों ने अपने कार्ड सरेंडर कर दिए हैं।
ग्रामीण और नगरीय क्षेत्र में अपात्रता के ये है नियम
ग्रामीण क्षेत्रों में आयकर दाता, ऐसा परिवार जिसमें किसी भी सदस्य के स्वामित्व में चार पहिया वाहन अथवा ट्रैक्टर, हार्वेस्टर,वातानुकूलित यंत्र, पांच केवी या इससे अधिक क्षमता का जनरेटर है। वह अपात्र है। ऐसा परिवार जिनके किसी सदस्य के पास अकेले या अन्य सदस्यों के स्वामित्व में पांच एकड से अधिक सिंचित भूमि हो, ऐसा परिवार जिनके समस्त सदस्यों की आय 2 लाख प्रतिवर्ष से अधिक हो।
ऐसा परिवार जिनके ८ किसी सदस्य के पास शस्त्र हो, वह अपात्र की श्रेणी में आते हैं। जबकि नगरीय क्षेत्र में आयकर दाता, ऐसा परिवार जिसके स्वामित्व में चार पहिया वाहन, वातानुकूलित यंत्र व पांच केवीए व उससे अधिक क्षमता का जनरेटर हो।
ऐसा परिवार जिसके किसी सदस्य के स्वामित्व में अकेले या अन्य सदस्य के साथ 100 वर्ग मीटर से अधिक या र्स्व्जित आवासीय प्लाट या स्वनिर्मित मकान अथवा 100 वर्ग मीटर से अधिक का कार्पोरेट एरिया का फ्लैट हो, जिनके सदस्यों के पास एक से अधिक शस्त्र का लाइसेंस हो, और ऐसा परिवार जिनके समस्त सदस्यों की प्रतिवर्ष आय तीन लाख रुपये हो वह अपात्रता की श्रेणी में आते हैं।

