- सांसद दीपेन्द्र हुड्डा, जेपी नारायाण, अभय चौटाला, इमरान व पंकज ने भाजपा पर साधा निशाना
जनवाणी संवाददाता |
मुजफ्फरनगर: हाथरस में रालोद महासचिव जयंत चौधरी पर लाठीचार्ज होने के विरोध में मुजफ्फरनगर में लोकदल द्वारा बुलाई गई लोकतंत्र महापंचायत में विपक्ष एकजुट नजर आया, जिसमें वक्ताओं ने सरकार पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान जयंत चौधरी ने मुजफ्फरनगर के लोगों से अपने खून का रिश्ता बताते हुए उनकी भावनाओं को टटोला।
जयंत के भाषण से भीड़ में उत्साह नजर आया। इस महापंचायत में समर्थन देने पहुंचे अन्य राजनीतिक पार्टियों के नेताओं जिनमें हरियाणा के सांसद दीपेन्द्र हुड्डा, सपा के सांसद धर्मेन्द्र यादव, अभय चौटाला, कांग्रेसी नेता इमरान मसूद, पंकज मलिक समेत अनेक वक्ताओं ने सरकार को जमकर कोसा। उन्होंने जनता को सरकार की कथनी और करनी में फर्क बताया।
इस दौरान जयंत चौधरी ने किसानों से कहा कि उनका परिवार एक संस्कारी परिवार है, जिसमें उनके दादा चौधरी चरण सिंह से लेकर उन तक का रिश्ता किसानों के साथ घर जैसा रहा है। अपने भाषण में उन्होंने अपनी दादी, बुआ व बहनों का जिक्र भी किया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश में किसी बहन या बेटी के साथ कुछ गलता होगा, तो वह चुप नहीं बैठेंगे, क्योंकि उनकी रगों में चौधरी चरण सिंह का खून दौड़ता है, जिन्होंने हमेशा अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की शिक्षा दी है। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर के लोग मेरे अपने हैं, जिनसे मेरा खून का रिश्ता है।

उन्होंने यहां के लोगों से घर वापसी का भी आह्वान कर डाला। उन्होंने कहा कि हाथरस में जो वीभत्स कांड के बाद योगी सरकार द्वारा विपक्ष से निंदनीय व्यवहार किया जा रहा है। कांग्रेस के राहुल गांधी व प्रियंका गांधी गये, उनके साथ बदतमीजी हुई। तृणमूल कांग्रेस के सांसदों के साथ पुलिस ने गंभीर अभद्रता की।
सपा के लोग गये तो गुंडों की फौज तैयार कराकर उन पर पथराव कराया गया। मेरे साथ जो कुछ हुआ, वह आप सभी ने देखा है। उन्होंने कहा कि सरकार के संरक्षण में पल रहे गुण्डे, दलाल हाथरस पीड़िता के परिवार पर तरह-तरह का दबाव बना रहे हैं। इसे अंतर्राष्ट्रीय साजिश का हिस्सा बता रहे हैं।
परिवार दहशत में है। सरकार सुरक्षा का नाटक कर रही है। उनके घर में झांककर देखो, योगी जी, बेहद गरीब परिवार है। उनके पास खाने-पाने को कुछ नहीं है। जो था वह छीन लिया गया। बिना परिवार के आधी रात में चिता को आग लगा दी गयी। क्या समाज इसको स्वीकार कर सकता है।
जब कोई योगी जी को अपनी पीड़ा बताने जाता है, विकास की बात करना चाहता है तो कह दिया जाता है कि वह पूजा-पाठ कर रहे हैं। वह गोरखनाथ पीठ के मठाधीश हैं। जनता से मिलने से कतराते हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए चौ. चरण सिंह व अजित सिंह ने काम करके दिखाया।
जितनी चीनी मिल हैं, इनके द्वारा लगायी गयी। छह साल मोदी जी के, साढ़े तीन साल योगी के पूरे हो गये हैं, एक चीनी मिल छोड़ो, एक कोल्हू भी लगाया हो तो बतायें। जयंत चौधरी ने किसानों को जागृत करते हुए कहा कि इन सरकारों की पोल खुल रही है। अब आपको भी जागना होगा, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।
जयंत चौधरी ने लोकसभा चुनाव 2019 की ओर इशारा करते हुए कहा कि इस भीड़ में जो लोग आये हैं, हो सकता है कि उनमें से ज्यादातर लोग पिछले चुनाव में साथ ना रहे हो, मैं अपने भाईयों से हाथ बढ़ाकर कहता हूं कि अब बहुत हो चुका, अब अपने घर लौटो, यहां आपका सम्मान होगा। उन्होंने कहा कि मेरा यह आह्नान वोट का मसला नहीं है, सम्मान की बात है, इसके लिए अपने भाई की पुकार को सुन लो।
इनेलो हरियाणा के प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला ने कहा कि मुजफ्फरनगर की धरती चौधरी चरण सिंह की कर्मभूमि रहा है। यहां पर उन्होंने राजनीतिक तौर पर लोगों के बीच जाकर एकजुट किया और उनको ताकत दी। आज फिर समय ऐसा आया है कि जिस प्रकार चरण सिंह ने यूपी के किसानों को एक बिरादरी के रूप में एकजुट किया था, उसी प्रकार जयंत ने इनको एक मंच पर लाने का काम कर दिखाया है। भाजपा सरकारों ने लाठी और गोली के जोर पर किसानों पर अत्याचार किया।
सपा नेता और पूर्व सांसद बदायूं धर्मेन्द्र सिंह यादव ने अपने सम्बोधन में कहा कि हाथरस में पीड़ित परिवार से मिलने जाते हुए जयंत चौधरी पर लाठीचार्ज निंदनीय है। मैं आज यहां पर अपने नेता अखिलेश यादव का संदेश लेकर आया हूं, इसमें उन्होंने कहा है कि जयंत चौधरी पर चलाई गई लाठी किसान के सम्मान और चौधरी चरण सिंह की विचारधारा पर मारी गयी है। सपा पूरी तरह से अजित सिंह और जयंत चौधरी के साथ खड़ी है। वह बोले कि अखिलेश यादव ने कहा है कि पश्चिम के नौजवानों से जाकर कहना कि चरण सिंह की जो विरासत है, उसको अजित सिंह मुलायम सिंह ने आगे बढ़ाया है, अब जयंत और अखिलेश उसको आगे बढ़ाने का काम करेंगे।

कांग्रेस के सांसद दीपेन्द्र हुड्डा ने कहा कि आज जिस तरह से विपक्षी दलों के नेताओं और आम लोगों को, मीडिया को हाथरस में पीड़ित परिवार से मिलने से रोका गया। लाठीचार्ज किया गया, उससे साबित होता है कि यूपी में आज अहंकारी लोगों की सरकार है। इस अहंकारी सरकार का यह रवैये विपक्ष कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। कांग्रेस जयंत के इस आंदोलन में पूरी तरह से साथ खड़ी है। यूपी में हमारे नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ पुलिस बुरा बर्ताव करती है। पूरे विपक्ष को अनदेखा किया जा रहा है। यह अहंकार भाजपा को भविष्य में भारी पड़ेगा। आज मैं यहां पर प्रियंका जी का संदेश लेकर किसानों के बीच आया हूं, किसानों के हितों के लिए कांग्रेस पार्टी हर स्तर तक जाने को तैयार है। पंजाब से बड़े आंदोलन की शुरूआत कांग्रेस कर चुकी है।
12 वर्ष पहले भी आक्रोश में हुई थी ऐसी ही महापंचायत
जयंत चौधरी पर लाठी चार्ज को लेकर जनआक्रोश देखा गया, ऐसा ही जन आक्रोश अब से 12 वर्ष पहले देखने को मिला था, जब तत्कालीन कांग्रेस विधायक पंकज मलिक पर लाठी चार्ज हुआ था। उस आंदोलन की कयादत किसान नेता चौधरी महेन्द्र सिंह टिकैत व रालोद प्रमुख अजित चौधरी ने की थी। गुरुवार को जिस तरह जीआईसी मैदान में विपक्ष के प्रति आक्रोश नजर आया अब से ठीक 12 साल पहले भी इसी इसी मैदान पर तत्कालीन बसपा सरकार के खिलाफ विपक्ष के एक ऐसे ही आंदोलन की भूली-बिसरी यादें लोगों के जहन में ताजा हो गयी। 12 साल पुराने इस आंदोलन ने सरकार के खिलाफ विपक्ष को मजबूत किया था, उस आंदोलन में किसानों के साथ ही जाट समाज ने बड़ी भूमिका निभाई थी। महेन्द्र सिंह टिकैत और चौधरी अजित सिंह ने इस आंदोलन को बड़ी ताकत दी थी और डीएम को आधी रात विपक्ष के इस मंच पर जाकर माफी मांगनी पड़ी थी। इस घटनाक्रम की भूमिका में भी पुलिस का बर्बर लाठीचार्ज था।
ये था घटनाक्रम
साल 2007 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर पूर्व सांसद हरेन्द्र मलिक के पुत्र पंकज मलिक ने मुजफ्फरनगर की बघरा सीट से चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में पंकज ने रालोद की अनुराधा चौधरी को पराजित किया था। इस चुनाव में राज्य में बसपा की लहर चली और मायावती बहुमत लेकर मुख्मयंत्री बनी थी। बात 2008 की है। जिले के विकास को लेकर तत्कालीन जिलाधिकारी द्वारा कलेक्ट्रेट स्थित जिला पंचायत के सभाकक्ष में जनप्रतिनिधियों की मीटिंग बुलाई गई थी। इसमें कांग्रेस विधायक पंकज मलिक भी अपने समर्थकों के साथ मौजूद थे।
जनशिकायतों के निस्तारण को लेकर पंकज मलिक ने बीडीओ बघरा को लेकर शिकायत की। इसी को लेकर विधायक की बीडीओ के साथ डीएम व अन्य बड़े अफसरों के सामने ही तीखी नोकझोंक होने लगी। बीडीओ ने विधायक जी पर टिप्पणी कर दी थी। विधायक जी ने तैश में आकर बीडीओ को थप्पड़ जड़ दिया और उनके समर्थकों ने वहां पर हंगामा शुरू कर दिया था। इसी विवाद को शांत करने के लिए पुलिस ने यहां पर लाठीचार्ज कर दिया था। विधायक पंकज मलिक पर भी लाठी भांजी गई। जिला प्रशासन के इस रवैये के खिलाफ कांग्रेस ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया था और अगले कुछ दिनों में प्रदेश में एक नया राजनीतिक बवाल इस लाठीचार्ज को लेकर खड़ा हो चुका था।
कांग्रेस विधायक पंकज मलिक के अपमान को किसान और जाट समाज का अपमान बताते हुए बालियान खाप और भारतीय किसान यूनियन के मुखिया चौधरी महेन्द्र सिंह टिकैत ने बसपा सकरार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान कर रही कांग्रेस का समर्थन दे दिया। इसके बाद रालोद मुखिया चौधरी अजित सिंह ने भी इस आंदोलन में साथ होने का ऐलान कर दिया और फिर प्रदेश की बसपा सरकार के खिलाफ जीआईसी के मैदान पर आज की जयंत चौधरी जैसी ही महापंचायत जोड़ दी गयी। तत्कालीन डीएम और एसएसपी ने जीआईसी मैदान पर पहुंचकर इन नेताओं से वार्ता की और आंदोलन समाप्त करने का आग्रह किया, लेकिन सरकार से टकराव का यह दौर कई दिनों तक चला। मंच पर डीएम व एसएसपी को भी किसानों ने बंधक बना लिया था। अंत में महेन्द्र सिंह टिकैत और अजित सिंह की मौजूदगी में आधी रात डीएम द्वारा माफी मांगे जाने पर यह आंदोलन समाप्त हुआ था।
महापंचायत को लेकर पुलिस प्रशासन की अटकी थी सांसें
रालोद के आह्नान पर जीआईसी मैदान में आयोजित हुई लोकतंत्र बचाओ महापंचायत को लेकर पुलिस प्रशासन की सांसें अटकी हुई थी। इस महापंचायत से शान्तिपूर्वक संपन्न कराने के लिए एडीजी व कमिश्नर ने जिले में कैम्प किया हुआ था, जबकि डीएम व एसएसपी स्वयं इसकी कमान संभाल रहे थे। आसपास के जनपदों से भी पुलिस फोर्स बुलाया हुआ था। इस दौरान ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की गयी। रालोद महासचिव जयंत चौधरी पर पुलिस द्वारा लाठी चार्ज कराये जाने के विरोध में लोकदल ने जीआईसी ग्राउंड में लोकतंत्र बचाओ महापंचायत का आह्वान किया था, जिसमें विपक्षी दलों ने भी अपना समर्थन दिया था। महापंचायत को लेकर जीआईसी मैदान पर लोक दल कार्यकतार्ओं भीड़ सवेरे से ही जुटने लगी थी। तमाम लोग ट्रैक्टर- ट्रॉली और मोटरसाइकिलों के जत्थों में महापंचायत स्थल पर पहुंचे। जीआईसी मैदान में रालोद कार्यकतार्ओं की भीड़ बढ़ने के साथ ही पुलिस भी मुस्तैद होने लगी थी। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एडीजी राजीव सभरवाल, मंडलायुक्त संजय कुमार, डीआईजी उपेन्द्र अग्रवाल सवेरे ही जिला मुख्यालय पहुंच गये थे। डीएम सेल्वा कुमारी जे. और एसएसपी अभिषेक यादव के साथ इन अफसरों ने शहर के चौराहो का भ्रमण कर सुरक्षा प्रबंध का जायजा लिया। इससे पहले सवेरे ही एसएसपी अभिषेक यादव जीआईसी मैदान पहुंचे और वहां तैनात आरआरएफ, पीएसी बल तथा पुलिस कर्मियों व अफसरों को ब्रीफ करते हुए पूरी तरह से सतर्क रहने और मास्क लगाकर रखने के निर्देश दिये। इसके साथ ही महावीर चैक पर एडीएम प्रशासन अमित सिंह, एडीएम वित्त आलोक कुमार, एसपी क्राईम दुर्गेश कुमार सिंह, एसपी देहात नेपाल सिंह, एसडीएम मुख्यालय अजय अम्बष्ट भारी पुलिस फोर्स के साथ तैनात रहे। महावीर चैक पर पुलिस अफसरों की निगरानी में ड्रोन भी लगाया गया था। ड्रोन से जीआईसी मैदान और आसपास के क्षेत्रों की निगरानी की जाती रही।

