जनवाणी संवाददाता |
सहारनपुर: पुलिस प्रशासन ने जिले में आधुनिक, पारदर्शी और अधिक प्रभावी पुलिसिंग लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सभी थानों में स्पेशलाइजेशन मॉडल सक्रिय कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी ने बताया कि शासन एवं पुलिस मुख्यालय की मंशा के अनुरूप जनपद में “नियोजित संरचना” (Vertically Planned Structure) को लागू किया गया है, जिसके तहत हर थाना अब विशेषज्ञ इकाइयों के रूप में कार्य करेगा। इस संरचना का उद्देश्य न केवल अपराध नियंत्रण को मजबूत करना है, बल्कि सड़क सुरक्षा, महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों की रोकथाम और जांच क्षमता को भी आधुनिक रूप देना है।
स्पेशलाइजेशन मॉडल पुलिस को बनाएगा अधिक जवाबदेह
एसएसपी के अनुसार, प्रत्येक थाना अब अपनी कार्यप्रणाली को स्पष्ट एसओपीएस, प्रशिक्षित स्टाफ और नियमित ट्रेनिंग के आधार पर संचालित करेगा। उन्होंने कहा कि स्पेशलाइजेशन मॉडल पुलिस को अधिक जवाबदेह, तेज और प्रोफेशनल बनाएगा। नई संरचना में थानों के विभिन्न विभागों—जांच, गश्त, साइबर, महिला सुरक्षा और ट्रैफिक—को अलग-अलग विशेषज्ञ विंग के रूप में विकसित किया गया है, जिससे प्रत्येक मामले में त्वरित और सटीक कार्यवाही सुनिश्चित होगी।
रोड एक्सीडेंट प्रिवेंशन एक्शन प्लान हुआ लागू
रोड एक्सीडेंट प्रिवेंशन एक्शन प्लान को लागू करते हुए सहारनपुर पुलिस ने जिले के सभी ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना संभावित स्थानों का विशेष सर्वे कर चिन्हिकरण किया है। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने क्रिटिकल कॉरिडोर टीम का गठन किया है, जो इन मार्गों पर विशेष पेट्रोलिंग, ट्रैफिक मॉनिटरिंग और जोखिम वाले स्थानों पर त्वरित हस्तक्षेप करेगी। टीम का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को कम करना और जिले में सुरक्षित यातायात व्यवस्था को सुनिश्चित करना है। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा उनके प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में शामिल है और इस दिशा में प्रभावी कदम लगातार उठाए जाएंगे।
महिला सुरक्षा के लिए की गई है व्यवस्था
महिला सुरक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। एसएसपी आशीष तिवारी ने बताया कि थानों में मिशन शक्ति केन्द्र, महिला हेल्पडेस्क और वन स्टॉप सेंटर को अधिक सक्रिय और मजबूत किया गया है। इन स्थानों पर प्रशिक्षित महिला स्टाफ की तैनाती की गई है, जो पीड़ित महिलाओं की शिकायतों पर संवेदनशील, त्वरित और सटीक कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। महिलाओं से जुड़े मामलों की निरंतर समीक्षा की जा रही है ताकि उनकी सुरक्षा और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा सके।
साइबर अपराध रोकने के लिए थानों में साइबर सेल का गठन
साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए थानों में सुदृढ़ साइबर सेल का गठन किया गया है। इस सेल में विशेषज्ञ कर्मियों को नियुक्त किया गया है, जो साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन ठगी, तकनीकी जांच और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण पर कार्य करेंगे। साइबर अपराधों से पीड़ित लोगों को त्वरित सहायता मिल सके, इसके लिए एक सुव्यवस्थित रिस्पांस सिस्टम भी तैयार किया गया है।
अपराध नियंत्रण के लिए थानों में अलग से क्राइम टीम का गठन
अपराध नियंत्रण के लिए थानों में अलग से क्राइम टीम का गठन किया गया है। यह टीम वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी, गुंडा तत्वों पर निगरानी, घटनाओं के शीघ्र अनावरण और रात की गश्त को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है। एसएसपी ने कहा कि अपराधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और जनपद में कानून व्यवस्था किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होने दी जाएगी।
कार्यशैली में तेजी से आयेगा सकारात्मक बदलाव
नई संरचना लागू होने के बाद सहारनपुर पुलिस की कार्यशैली में तेजी से सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। स्पेशलाइजेशन मॉडल की वजह से पुलिस जांच में तेजी आई है, ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार हुआ है और साइबर अपराधों पर अधिक प्रभावी नियंत्रण संभव हो पाया है। एसएसपी आशीष तिवारी ने कहा कि सहारनपुर पुलिस जनता की सुरक्षा और सेवा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आधुनिक पुलिसिंग के इस मॉडल को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे।

