Wednesday, April 1, 2026
- Advertisement -

सपा की सूची में ‘माफिया और अपराधियों’ का बोलबाला: सीएम योगी

  • सबका साथ सबका विकास’ के नारे को चरित्रार्थ करती बीजेपी की पहली सूची: सीएम योगी
  • सपा द्वारा पश्चिमी उत्तर प्रदेश को एक बार फिर साम्प्रदायिक आग में झोंकने की तैयारी: सीएम योगी
  • पेशेवर हिस्ट्रीशीटर को टिकट देना समाजवादी पार्टी का चरित्र उजागर करता है: सीएम योगी
  • यूपी को दहलाने वाले दंगाइयों और कैराना से पलायन करवाने वाले अपराधियों को सपा ने दिए टिकट

जनवाणी ब्यूरो |

लखनऊ: सपा और रालोद गठबंधन ने विधान सभा चुनाव के लिए जारी की अपनी पहली सूची से अपना चरित्र दर्शा दिया। वर्ष 2012 से 2017 तक उत्तर प्रदेश को माफिया, गुंडो और अपराधियों के हवाले करके शासन चलाने वाली सपा ने एक बार फिर अपनी मंशा ज़ाहिर कर दी है। मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने रविवार को समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्‍होंने कहा कि सपा ने इस बार रालोद से हाथ मिलाया है लेकिन जनता के लिए फिर अराजकता, गुंडागर्दी और माफियागिरी की इबारत लिख दी है।

समाजवादी पार्टी ने अपने कार्यकाल में दंगाइयों, अपराधियों से उत्‍तर प्रदेश को दहलाने के बाद फिर एक बार आगामी विधानसभा चुनावों में अपराधियों और दंगाइयों को टिकट बांटें हैं जो समाजवादी पार्टी के दोहरे चरित्र व नफरत की राजनीति को दर्शाता है। उन्‍होंने कहा कि कैराना पलायन के जिम्मेदार लोग,मुजफ्फरनगर के दंगाइयों को टिकट देना,और पेशेवर हिस्ट्रीशीटर को टिकट देना समाजवादी पार्टी का चरित्र उजागर करता है।

बीजेपी की सूची ‘सामाजिक न्याय’ की प्रतीक

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा शनिवार को अपने प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की। बीजेपी की पहली सूची ‘सामाजिक न्याय’ की प्रतीक है, लेकिन प्रदेश की जनता ने समाजवादी पार्टी की भी सूची देखी होगी जिसमें दंगाइयों, अपराधियों का बोलबाला है।

समाजवादी पार्टी की चुनाव सूची में एक बार फिर माफिया और अपराधियों का बोलबाला है। लोनी विधान सभा से टिकट पाए मदन भैया की गिनती माफिया में होती है, यह शायद अखिलेश यादव और जयंत चौधरी भूल गए हैं। मदन भैया पर 1982 से लेकर 2021 तक 31 मुकदमे दर्ज हैं जिसमें हत्या के मामले भी हैं।

यूपी को साम्प्रदायिक आग में झोंकने को तैयार अखिलेश: योगी

उन्होंने कहा कि मुज़फ्फरनगर दंगों के बाद कैराना से हिंदू परिवारों के पलायन की याद दिलायी और कहा कि वहाँ से नाहिद हसन को टिकट देकर सपा ने अपने साम्प्रदायिक पक्ष को फिर सामने रखा है। नाहिद हसन पर शामली और सहारनपुर जिलों में 17 मामले दर्ज हैं। इसी तरह बुलंदशहर से टिकट पाए हाजी युनुस पर 23 आपराधिक मामले दर्ज हैं। स्याना से लड़ने वाले दिलनवाज़ का इतिहास भी आपराधिक रहा है। सीएम ने कहा कि ऐसे लोगों को टिकट देकर अखिलेश ने स्पष्ट कर दिया है कि सपा पश्चिमी उत्तर प्रदेश को एक बार फिर साम्प्रदायिक आग में झोंकने को तैयार है।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

डीपफेक पूरी तरह नकारात्मक नहीं

हम उस युग में रह रहे हैं जिसे विशेषज्ञ...

बुनियादी शिक्षा को खोना सही नहीं

वी गर्ग विद्यार्थियों को अपनी रुचियों के अनुसार आगे बढ़ने...

लड़कियों को शिक्षित करने का महत्व

डॉ विजय गर्ग शिक्षा केवल एक मौलिक अधिकार नहीं...

कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना

एक सप्ताह बाद गुड़की घर पर आया। मैंने पूछा,...

अर्थव्यवस्था के लिए बढ़ सकतीं हैं मुश्किलें

अगर अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष चलता...
spot_imgspot_img