- सीओ के निर्देश पर एसएसआई ने कार्रवाई चौकी पुलिस को नहीं किया शामिल
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: पुलिस-प्रशासन की सख्ती के बावजूद चाइनीज मांझा धड़ल्ले से बेचा जा रहा है। धड़ल्ले से बेचे जा रहे चाइनीज मांझा में स्थानीय पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध लग रही है। इसी के चलते शुक्रवार शाम को लिसाड़ी गेट थाने के एसएसआई ने चौकी पुलिस को शामिल किए बिना एक दुकान पर छापेमारी कर भारी मात्रा में चाइनीज मांझा बरामद किया है। इसी के साथ पुलिस ने दुकान पर काम करने वाले एक नौकर को भी हिरासत में लिया है।
बता दें कि वसंत पंचमी के नजदीक आते हुए चाइनीज मांझा और पतंग का बाजार शुरू हो जाता है। ऐसे में चाइनीज मांझे से आए दिन हो रहे हादसों के चलते पुलिस-प्रशासन भी सक्रिय हो जाता है। इसके बावजूद कुछ दुकानदार स्थानीय पुलिस से साज कर प्रतिबंधित चाइनीज मांझे को धड़ल्ले से बेचते है।
सीओ कोतवाली अरविंद चौरसिया ने बताया कि उन्हें कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि इस्लामाबाद चौकी पुलिस की शह पर गोला कुआं स्थित एक दुकान पर खुलेआम चाइनीज मांझा बेचा जा रहा है। जिसके चलते सीओ ने लिसाड़ी गेट एसएसआई रामफल को छापेमारी के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि वह इस अभियान में इस्लामाबाद चौकी पुलिस को शामिल न करें।
एसएसआई ने अपनी टीम के साथ गोला कुआं स्थित अतुल काईट की दुकान पर छापेमारी की, जहां से पुलिस टीम ने चाइनीज मांझे के 220 कोन बरामद किए। इसी के साथ दुकान से एक नौकर को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। जिससे पूछताछ की जा रही है। सीओ ने बताया कि खुलेआम बेचे जा रहे चाइनीज मांझे में इस्लामाबाद चौकी पुलिस की भूमिका संदिग्ध लग रही है। जिसकी जांच कराई जाएगी।
200 से 300 रुपये में बेचा जा रहा था चाइनीज मांझे का एक कोन
चाइनीज मांझे की चपेट में आने से शहर में कई लोगों की जान भी जा चुकी है और दर्जनों लोग घायल हो चुके है। चाइनीज मांझे से आए दिन हो रहे हादसों के चलते सरकार ने इसे प्र्रतिबंधित कर रखा है। इसके बावजूद कुछ लोग स्थानीय पुलिस से साज कर इसे धड़ल्ले से बेचते है। एसएसआई रामफल ने बताया कि बरामद किया गया चाइनीज मांझे का एक कोन 200 से 300 रुपये में बेचा जा रहा था।

