जनवाणी संवाददाता |
बड़ौत: प्राण प्रतिष्ठा की सम्पन्नता के साथ आठवें दिन तिलवाड़ा में स्थित प्रसिद्ध श्रीकृष्ण मंदिर में स्वामी कोटेश्वरानन्द के प्रवचन के बाद भंडारा आयोजित हुआ।
प्राण प्रतिष्ठा की सम्पन्नता के साथ आठवें दिन क्षेत्र के गांव तिलवाड़ा में स्थित प्रसिद्ध श्री कृष्ण मंदिर में विशाल भंडारा आयोजित हुआ। भंडारे से पूर्व पांडिचेरी चेन्नई से पधारे स्वामी कोटेश्वरानन्द जी ने श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुये कहा कि ईश्वर किसी व्यक्ति विशेष की धरोहर नहीं हैं।
ईश्वर के नाम पर सभी का सामान अधिकार है। एमएस एमटैक करके अमेरिका में इंजीनियर रह कर संन्यासी बने स्वामी कोटेश्वरानन्द ने कहा अध्यात्म के बिना मनुष्य निर्जीव है और निष्प्राण है। सनातन ईश्वर प्राप्ति का सबसे श्रेष्ठ मार्ग है। प्राण प्रतिष्ठा के मुख्य पुरोहित आचार्य निरंजनाचार्य ने धर्म को परिभाषित करते हुए कहा जो धारण करने योग्य है वह धर्म है।
प्राण प्रतिष्ठा के उपरान्त श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ मन्दिर खोल दिया गया है। इस अवसर पर पूर्व शिक्षा सचिव डा.आईपी शर्मा, सोमदत्त शर्मा, अनंगपाल आर्य, अभिषेक, समाजसेवी आरआरडी उपाध्याय, हरिओम, तुषार दीक्षित, मुक्तेश्वर, शामू, रामू, अनिल शर्मा, सत्यवीर, पुजा, आरती, उर्मिला देवी, मीनाक्षी, प्रीति, ओमकली आदि उपस्थित रहे।

