- तीन दिन बाद फिर से चलेगा अभियान, टीम को करना पड़ा भारी विरोध का सामना
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: अब्दुल्लापुर में नगर निगम की एक हजार वर्ग मीटर जमीन पर अब्दुल गनी, अब्दुल हकीम तथा बाबू आदि लोगों ने पिछले सात-आठ सालों से कब्जा किया हुआ है। सोमवार को नगर-निगम टीम जेसीबी व ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ निगम प्रवर्तन दल की टीम लेकर अब्दुल्लापुर पहुंची। नगर निगम से प्रभारी अतिक्रमण डा. पुष्पराज गौतम व लेखपाल रूद्रेश अपनी टीम के साथ कार्रवाई करने पहुंचे, लेकिन जैसे ही टीम ऐक्शन में आई तो उसका विरोध शुरू हो गया।
जेसीबी मशीन के सामने लेटी महिलाएं
निगम के अधिकारियों की मौजूदगी में निगम टीम ने अतिक्रमण हटाना शुरू किया ही था कि कुछ ही देर में टीम का विरोध होने लगा। अतिक्रमण हटाने के दौरान पशुओं के बाड़े के अंदर सैकड़ों महिलाएं बैठी हुई थी। एक दीवार के गिराते ही महिलाएं जेसीबी के सामने आकर बैठ गई। महिला पुलिस ने उन्हें हटाने की कोशिश की, लेकिन महिलाएं नहीं हटी। लम्बी जद्दोजहद के बाद महिलाओं को हटाया गया।

इसके बाद जैसे ही बुलडोजर ने दूसरी दीवार गिरानी शुरू की तो दीवार के पीछे से महिलाओं ने जेसीबी पर पथराव शुरू कर दिया। हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ, निगम टीम व पुलिस ने किसी तरह हालात काबू में किए। इस दौरान थाना भावनपुर इंस्पेक्टर नीरज मलिक अतिरिक्त पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए।
लोगों ने बनाई थी रणनीति
अतिक्रमण के खिलाफ चलाए जा रहे निगम के अभियान को लेकर पुरुषों ने कोई विरोध नहीं किया, लेकिन उन्होंने एक रणनीति के तहत महिलाओं को आगे खड़ा कर दिया। इस दौरान मौके पर महिला पुलिस उपलब्ध न होने की वजह से काफी देर तक अभियान रुका रहा।
मुश्किल से निगम टीम महिलाओं के विरोध के बीच तीन तरफ की दीवारे ही गिरा पाई। लगभग 400 वर्ग मीटर भूमि को खाली कराया गया जबकि शेष 600 वर्ग मीटर भूमि को तीन दिन के भीतर खाली करने की चेतावनी दी गई। तीन दिन बाद नगर निगम की टीम पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध होने पर शेष भूमि को कब्जा मुक्त कराया जाएगा।

