Tuesday, March 17, 2026
- Advertisement -

बैंकों में हड़ताल से कामकाज ठप

  • निजीकरण के विरोध में हड़ताल पर रहे कर्मचारी
  • एलआईसी में नहीं हुआ कार्य, श्रमिक कानून वापसी की मांग

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: निजीकरण के विरोध में सोमवार को राष्ट्रीय जन संगठन मंच की ओर से हड़ताल की गई। जिससे एलआईसी, बैंक समेत, डिफेंस, बिजली समेत कई विभाग प्रभावित हुए। सरकारी बैंकों में कार्य नहीं हुआ, जिस कारण करोड़ों रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ। संगठन के सदस्यों ने हड़ताल कर निजीकरण का विरोध किया और जो श्रमिक कानून नये बनाये गये हैं, उन्हें वापस किये जाने की मांग की। इसके साथ ही किसानों पर दर्ज हुए मुकदमे भी वापस लिये जाने की मांग की।

01 24

जन संगठन मंच के उपाध्यक्ष सतपाल सिंह ने बताया कि देशभर में केन्द्रीय श्रमिक संगठन के आह्वान पर दो दिवसीय हड़ताल सोमवार से शुरू हुई है। जिसमें श्रमिकों की ओर से निजीकरण का पूर्ण विरोध किया जा रहा है। किसी भी विभाग में निजीकरण सहन नहीं किया जायेगा। यहां 10 केन्द्रीय श्रमिक संगठन और 200 से अधिक स्वतंत्र फेडरेशन के आह्वान पर यह प्रदर्शन किया जा रहा है।

इस हड़ताल का असर सोमवार को मेरठ में भी देखने को मिला। यहां कई सरकारी बैंकों में कर्मचारी हड़ताल पर रहे। एलआईसी कर्मचारियों ने सदर स्थित शाखा कार्यालय पर प्रदर्शन किया। यहां मीडिया प्रभारी अनुराग ने बताया कि केन्द्र सरकार लगातार सरकारी कार्यालयों में निजीकरण करती जा रही है। एलआईसी में निजीकरण करने की तैयारी है। बिजली विभाग में समेत तमाम विभागों में निजीकरण को लेकर तैयारी है।

केन्द्र सरकार की ओर से कई श्रमिक कानूनों को भी बनाया गया है। संगठन का उद्देश्य इन श्रमिक कानूनों का विरोध करना है। सोमवार से शुरू हुई हड़ताल में संगठन के सदस्यों ने सभी विभागों में निजीकरण का विरोध किया। इसके साथ ही श्रमिक कानूनों को रद करने की मांग की। किसानों को लेकर बनाये गये कानूनों को रद करने व किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज हुए मुकदमों को वापस करने की मांग की।

करोड़ों का कारोबार प्रभावित

हड़ताल में कई सरकारी बैक के कर्मचारी शामिल हुए। बिजली विभाग, डिफेंस विभाग समेत कई अन्य विभागों के कर्मचारी भी शामिल हुए। बैंकों के कर्मचारी हड़ताल में शामिल होने के कारण करोड़ों रुपये का लेनदेन भी बैंकों में प्रभावित हुए जिस कारण बैंकों में कार्य कराने आने वाले लोगों को भी परेशान होना पड़ा।

बिजली कर्मचारियों ने भी किया कार्य बहिष्कार

केन्द्र/राज्य सरकारों की निजीकरण की नीतियों एवं इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2021 के विरोध में बिजली कर्मचारियों का आंदोलन जारी है। निजीकरण के विरोध में सोमवार को दो दिवसीय देशव्यापारी हड़ताल हुई जिसमें बैंक, एलाआईसी, डिफेंस समेत बिजली विभाग के कर्मचारियों ने भी हड़ताल रखी और निजीकरण का विरोध किया। विद्युत कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया। प्रदेश के सभी ऊर्जा निगमों के तमाम बिजली कर्मचारियों, जूनियर इंजीनियरों एवं अभियन्ताओं ने दो दिवसीय कार्य बहिष्कार प्रारम्भ करते हुए सोमवार को पूरे प्रदेश में कार्य नहीं किया।

संघर्ष समिति के प्रमुख पदाधिकारियों इंजीनियर सीपी सिंह, रोहित कुमार, योगेश कौशिक, अवधेश कुमार, दीपांशु सहाय, हरीश चौधरी, अमित कुमार, अरविंद बिंद, आरए कुशवाहा, मुकेश यादव, आशुतोष शर्मा, जय वीर सिंह, प्रदीप गोयल, दिलमणि, विवेक सक्सेना, नीरज कांबोज आदि ने बिल का विरोध किया। इस मौके पर नरेशचन्द्र शर्मा आदि मौजूद रहे और अपनी मांगों को सरकार के सामने रखा।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

UP: मुरादाबाद में दर्दनाक सड़क हादसा, ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकराई कार, चार युवकों की मौत

जनवाणी ब्यूरो । नई दिल्ली: भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली में जा घुसी।...

सिलेंडर बिन जलाए रोटी बनाने की कला

मैं हफ्ते में एक दिन आफिस जाने वाला हर...

सुरक्षित उत्पाद उपभोक्ता का अधिकार

सुभाष बुडनवाला हर वर्ष 15 मार्च को विश्व भर में...

पुराना है नाम बदलने का चलन

अमिताभ स. पिछले दिनों, भारत के एक राज्य और कुछ...
spot_imgspot_img