- करवाचौथ पर्व पर चहुंओर दिखी चहल-पहल, चंद्र दर्शन के बाद महिलाओं ने खोला व्रत
जनवाणी संवाददाता |
बागपत: चांद की पूजा करके, करती हूं मैं, तुम्हारी सलामती की दुआ, आपको लग जाए मेरी भी उम्र, गम रहे हर पल आपसे दूर।। माथे की बिंदिया चमकती रहे, हाथों में चूडियां खनकती रहे, पैरों की पायल झनकती रहे, पिया संग प्रेम बेला सजती रहे। यह गीत सुहागिनें गुनगुनाती नजर आईं और अपने सुहाग की लंबी आयु की कामना कर करवाचौथ का पर्व हर्षोल्लास से मनाया। सुबह से ही महिलाओं में अलग ही उत्साह देखने को मिला और करवाचौथ की कथा पढ़कर जहां सुख-समृद्धि की कामना की वहीं चंद्र दर्शन कर व्रत खोला।
करवाचौथ पर्व महिलाओं का सबसे विशेष पर्व है। इस पर्व का हर सुहागिन को पूरे वर्ष इंतजार रहता है। पति की लंबी उम्र व जीवनभर उसके साथ रहने की कामना के लिए यह व्रत अति महत्वपूर्ण माना जाता है। व्रत को लेकर कई अलग-अलग कहानियां है जिसका अनुसरण आज तक हर भारतीय महिला करती आ रही है।
शनिवार को करवाचौथ का पर्व महिलाओं ने अति उत्साह व श्रद्धा के साथ मनाया। महिलाओं ने इस दिन व्रत व रखा। सुबह उठकर पूजा अर्चना की। दोपहर के समय महिलाओं ने करवाचौथ व्रत कथा को सुना और उसके बाद सूरज को अर्घ्य दिया। महिलाओं ने पूरा दिन निर्जल व्रत रखा।

देर रात चंद्रमा दिखने के बाद महिलाओं ने चांद के दर्शन कर अर्घ्य दिया और सुख-शांति की कामना की। साथ ही पति के हाथ से पानी पीने के बाद व्रत खोला और भगवान से सुहाग की लंबी आयु की कामना की। इससे पूर्व दिनभर महिलाओं में अलग ही उत्साह देखने को मिला। कई दिनों से सजने-संवरने तैयारी चल रही थीं।
पतियों ने भी रखा पत्नियों के लिए व्रत
करवाचौथ पर्व पर ऐसा नहीं था कि केवल महिलाओं ने ही पतियों की दीघायु के लिए व्रत रखा। ऐसे पतियों की भी कमी नहीं थी जिन्होंने अपनी पत्नी की दीघायु के लिए व्रत रखा। बागपत के प्रशांत कुमार, अमित कुमार, राजू जैन, खेकड़ा के अंकित, आदि ने भी व्रत रखा था। उनका कहना है कि जब पत्नी ऐसा कर सकती है तो हम उनकी लंबी आयु व जीवनभर के साथ के लिए व्रत क्यों नहीं रख सकते।

इंटरनेट पर भी हुआ पिया का दीदार
बागपत की रहने वाली मंजू के पति पुलिस में है और इन दिनों गोरखपुर में तैनात है। घर न आने के कारण मंजू ने इंटरनेट के माध्यम से पति के दर्शन किए और व्रत खोला। मंजू का कहना है कि इस दिन पति के दर्शन जरूर करने चाहिए सो जमाना नया है तो इंटरनेट से अच्छा माध्यम क्या हो सकता है। यही नहीं व्हाट्सएप आदि के माध्यम से भी पति के दर्शन किए और व्रत खोला।

पतियों ने पत्नी को दिए उपहार
करवाचौथ से एक दिन पूर्व जहां महिलाएं खरीददारी में व्यस्त थी वहीं करवाचौथ के दिन पुरूष खरीददारी में व्यस्त दिखे। करवाचौथ का दिन था तो पत्नी के लिए तोहफा भी जरूरी था। ज्वैलरी शॉप से लेकर कपड़ों की दुकानों पर भारी भीड़ रही। ज्वैलरी शॉप पर अपनी पत्नी के लिए अंगूठी लेने पहुंचे प्रशांत कुमार का कहना था कि यह दिन पति पत्नी के रिश्तों को मजबूत करता है यदि इसमें एक उपहार पत्नी को दिया जाए तो रिश्ते की प्रगाढ़ता और ज्यादा मजबूत होती है। पतियों ने अपनी पत्नियों को इस दिन उपहार प्रदान किए।

