- जहां-जहां जलभराव के हालात बने, वहीं बिजली व्यवस्था चरमा गई
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: दो दिन से महानगर की बिजली व्यवस्था बुरी तरह चरमराई हुई है। स्थिति यह बनी हुई है कि जहां-जहां जलभराव के हालात बने, वहीं बिजली आपूर्ति कई-कई घंटे के लिए ठप होकर रह गई, लेकिन अधिकारियों के अनुसार छोटे-मोटे फाल्ट के बीच स्थानीय स्तर पर कुछ देकर के लिए बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है, जो 12 महीने चलने वाली सामान्य प्रक्रिया है।
पिछले कई दिनों से महानगर और देहात क्षेत्र में भारी बारिश के हालात बने हैं। दो दिन पूर्व हुई बारिश ने पूरे महानगर और देहात क्षेत्र को जलमग्न कर दिया, जिसका प्रभाव शुक्रवार को भी कई इलाकों में देखने को मिला है। जगह-जगह अभी तक जलभराव के हालात बने हुए हैं। यहां तक कि जिस स्थान पर महानगर का सबसे बड़ा धार्मिक कथा का आयोजन अनिरुद्ध आचार्य के श्रीमुख से किया गया, उस भैंसाली मैदान में शुक्रवार तक पानी भरा हुआ देखा गया।
जिसके कारण वहां से पंडाल हटाने तक का काम बाधित हुआ। इस भारी बारिश ने शहर से लेकर देहात तक बिजली आपूर्ति की स्थिति को चरमराकर रख दिया है। बीते दो दिनों में महानगर का शायद ही कोई बिजलीघर इससे अछूता रहा होगा, जहां सुबह से देर शाम तक फाल्ट आने के चलते आपूर्ति बाधित होने की शिकायत दर्ज न कराई गई हो। स्थिति यह रही कि बिजली विभाग की टीम ने एक जगह के फाल्ट ठीक करके आपूर्ति शुरू कराई,
तो दूसरी जगह की शिकायत देखने के लिए उन्हें तत्काल दौड़ना पड़ा। बिजली विभाग के सूत्रों के अनुसार महानगर और देहात क्षेत्र में ऐसे फाल्ट आने की सैकड़ों शिकायतें दर्ज की गई हैं। इस दौरान महानगर के कई इलाकों में दिन भर तो कहीं रात भर बिजली का संकट बना रहा। जबकि दो से चार घंटे तक बिजली गुल रहने की शिकायत तो हर बिजलीघर से जुड़ उपभोक्ताओं की रही।
कचहरी क्षेत्र, बेगमबाग, सदर बाजार, बेगमपुल, लालकुर्ती, कंकरखेड़ा गंगानगर के अलावा मोदीपुरम आदि इलाकों में सबसे ज्यादा परेशानी बनी रही। वहीं, इस संबंध में अनुराग अग्रवाल, चीफ इंजीनियर, ऊर्जा निगम, मेरठ का कहना है कि बिजली आपूर्ति के दौरान फाल्ट आ जाना एक सामान्य प्रक्रिया है, जो 12 महीने चलती रहती है।
इसका मुख्यालय पर कोई रिकार्ड नहीं होता। ऐसे फाल्ट लोकल माने जाते हैं, जिन्हें स्थानीय स्तर पर अधिकारियों द्वारा ठीक कराकर आपूर्ति बहाल करा दी जाती है। मेरठ महानगर अथवा देहात क्षेत्र से किसी बड़े फाल्ट की सूचना प्राप्त नहीं हुई है।
पश्चिमांचल के कई जिलों में दो दर्जन बिजलीघरों की आपूर्ति ठप
भारी बारिश और बाढ़ के चलते पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लि. के कई जिलों में दो दर्जन बिजलीघर से जुड़े फीडरों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप होकर रह गई है। प्रबन्ध निदेशक श्रीमती चैत्रा वी. ने प्रभावित बिजलीघरों की आपूर्ति शीघ्र बहाल करने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि विद्युत आपूर्ति सुचारू बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाए। विभिन्न बिजलीघरों से मुख्यालय को जो रिपोर्ट भेजी गई है,
उसके मुताबिक कई जिलों की आपूर्ति प्रभावित हुई है। जनपद बागपत के खेकड़ा में 33/11 केवी काठा बिजलीघर, जनपद संभल में 33/11 केवी हातिम सराय बाढ़ का पानी भर जाने के कारण विद्युत सप्लाई बंद की गई है। जनपद बिजनौर के धामपुर में लगातार हो रही तेज वर्षा के कारण 33/11 उपकेंद्र भागूवाला पर जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है। वहीं बारिश के पानी का आसपास के गांव से निकासी का मार्ग न होने से स्विच यार्ड एवं कन्ट्रोल पैनल में पानी भर गया है।
सुरक्षा की दृष्टि से भागूवाला उपकेंद्र की विद्युत आपूर्ति 13 जुलाई सुबह पांच बजे से बंद कर दी गई है। शुक्रवार को बारिश थम जाने के बाद लगभग 4-5 घंटे में विद्युत आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी। जनपद सहारनपुर के 33/11 केवी उपकेन्द्र सलेमपुरगदा, जैनबाग, चैरीमंडी, दुमझेडा, पठेड़ फीडर बाढ़ से प्रभावित हैं। एवं शाकुंम्भरी/जसमौर एवं खुरमपुर उपकेन्द्र के 11 केवी फीडर ताल्हापुर व खुरमपुर को वर्तमान में टेप कर चलाया जा रहा है।
इसी प्रकार 33/11 केवी बेहट देहात उपकेन्द्र के 11केवी पथरवा फीडर, 33/11 केवी के मथाना उपकेन्द्र के 11केवी फीडर रेडी व जटपुरा तथा 33/11 केवी जीवाला उपकेन्द्र के 11केवी फीडर अलिवाला विद्युत उपकेन्द्र बाढ़ से प्रभावित होने के कारण बंद हैं। एवं 33/11 केवी उपकेन्द्र मिजार्पुर के 11 केवी फीडर शफिपुर एवं 33/11 केवी उपकेन्द्र रायपुर के 11केवी लालकुआं फीडर को टेप कर चलाया जा रहा है।
जनपद गाजियाबाद में लोनी में 33/11 केवी बिजलीघर मंडोला, 33/11 केवी बिजलीघर आवास विकास सेक्टर 6, 33/11 केवी बिजलीघर ट्रोनिका सिटी यमुना नदी से लगे बांध टूटने की वजह से सुरक्षा की दृष्टि से विद्युत सप्लाई बंद की गई है।इन बिजलीघरों की जल निकासी के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। जिससे जल्द से जल्द विद्युत आपूर्ति बहाल की जा सके। इस सम्बंध में प्रबंध निदेशक ने लोगों से सहयोग की अपील की है।

