जनवाणी संवाददाता |
बड़ौत: परिषदीय विद्यालयों में अभी तक बच्चों को पुस्तकों का वितरण नहीं किया जा सका है। उसका बडा कारण यह है कि शिक्षक बीआरसी से पुस्तकें ले जाने में असमर्थता जता रहे हैं। ये पुस्तकें बीआरसी पर पड़ी हुई बर्बाद हो रही है और बच्चे बिना पुस्तकों के ही स्कूलों में खानापूर्ति करने को मजबूर हैं। पुस्तकें स्कूल तक ले जाने व समस्याओं को हल करने के लिए आज बीआरसी बडौली पर बीईओ वंदना ने बैठक भी बुलाई थी।
जिसमें विद्यालयों के प्रधानाध्यापक शामिल हुए। घंटेभर तक चली इस बैठक में किसी तरह का निष्कर्ष नहीं निकल पाया और शिक्षकों ने इन पुस्तकों को बीआरसी से अपने विद्यालय तक ले जाने के लिए इंकार कर दिया। शिक्षकों का कहना था कि राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा लखनऊ के भी आदेश है की पाठ्य पुस्तकों को विद्यालयों तक ले जाने के लिए परिवहन वह संबंधित धनराशि अवमुक्त की गई है, लेकिन इसे अभी तक प्रधानाध्यापकों को नहीं दिया गया है। अपने खर्चे से शिक्षक इन पुस्तकों कोई स्कूल नहीं लेकर जाएंगे। इस संबंध में शिक्षकों ने एक ज्ञापन खंड शिक्षा अधिकारी को भी सौंपा।

