- पात्रों से लगवाए जा रहे है बैंक के चक्कर
जनवाणी संवाददाता |
फलावदा: पीएम स्वनिधि के अंतर्गत पटरी वेंडर्स को दस-दस हज़ार के ऋण मुहैया कराने की योजना बैंक को पसंद नहीं आ रही है। स्थानीय कैनरा बैंक की शाखा में ऋण के बजाय आवेदकों को मानसिक कष्ट दिया जा रहा है। शिकायत के बावजूद बैंक अपना रवैया बदलने को तैयार नहीं है।
जानकारी के मुताबिक विगत दिनों पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत पटरी विक्रेताओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्थानीय नगर पंचायत द्वारा आवेदन जमा कराये गए थे। नगर पंचायत ने कस्बे में स्थित कैनरा बैंक की शाखा में 250 लोगों के आवेदन भिजवाए थे।कई माह गुजरने के बावजूद इस बैंक की शाखा ने लक्ष्य पूरा नहीं किया।
बैंक कभी स्टाफ की कमी का रोना रोता है तो कभी टारगेट अधिक बताकर बेबसी जाहिर करता है। नगर पंचायत की ईओ सुश्री नीतू सिंह ने अफसरों को अवगत कराया तो बैंक ने मामलों के निस्तारण के लिए नया फार्मूला प्रयोग करना शुरू कर दिया।
बताते है कि अफसरों को गुमराह करने के लिए बैंक अपनी मर्ज़ी से ही आवेदकों को लोन हेतु नोट इंटरस्टेड करार दे रहा है। बैंक स्टाफ आवेदकों का मानसिक शोषण कर रहा है। आवेदकों को इस कदर परेशान किया जा रहा है कि उनका दस हज़ार के ऋण को लेकर मोह भंग हो जाए।
गत दिवस ईओ नीतू सिंह ने एलडीएम से शिकायत की, लेकिन बैंक शाखा अपना रवैया बदलने को तैयार नहीं है। बैंक द्वारा प्रधानमंत्री की महत्वकांक्षी योजना को पलीता लगाया जा रहा है।
इस संबंध में शाखा प्रबंधक विनोद कुमार वर्मा ने बैंक में स्टाफ की कमी होने की बात दोहरा कर पल्ला झाड़ लिया।

