
देश से डॉक्टरों का ब्रेन ड्रेन यानी प्रतिभा पलायन इस मायने में महत्वपूर्ण और गंभीर हो जाता है कि देश में चिकित्सकों की आज भी बेहद कमी का सामना करना पड़ रहा है। देश के करीब 75 हजार डॉक्टर्स ओईसीडी यानी कि आर्थिक सहयोग व विकास संगठन से जुड़े देशों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ताजातरीन उदाहरण देश के सबसे बड़े दिल्ली के एम्स का ही देखा जा सकता है, जहां पिछले दस माह में 7 विशेषज्ञ डाक्टरों ने किसी न किसी कारण से सेवाएं देना बंद कर दिया है। आज दस हजार से अधिक लोगों को प्रतिदिन सेवाएं देने वाले एम्स में ही 200 डाक्टर्स की कमी चल रही है। यह तो एक मिसाल मात्र है। इसमें कोई दो राय नहीं कि हमारे चिकित्सकों की काबिलियत और विशेषज्ञता के कारण ही विदेशों में अपनी पहचान बनाए हुए हैं और एक मोटे अनुमान के अनुसार ओईसीडी देशों में रह रहे 75 हजार डॉक्टरों में से करीब दो तिहाई डॉक्टर्स तो अमेरिका में ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं।