- नई लाइट लगवाने को संबंधित कंपनी को नगर निगम ने भेजा पत्र
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: दीपावली के पर्व पर महानगर की पुरानी लाइटों को बदलने और रिक्त पोलों पर नई लाइट लगाने के लिए संबंधित कंपनी को नगर निगम की ओर से पत्र भेजा गया है। जिसमें इस कार्य को अविलंब शुरू कराने का कहा गया है।
बताया गया है कि नगर निगम के अधिकारियों ने सेवा प्रदाता नई दिल्ली की कंपनी ईईएसएल के जरिये दीपावली पर लगभग 8500 लाइटें शहर भर में लगाने का बीड़ा उठाया है।
यह कार्य शीघ्र शुरू होने की उम्मीद है। इस सिलसिले में उप प्रबंधक ईईएसएल नई दिल्ली को भेजे गए पत्र में सहायक आयुक्त इन्द्र विजय ने अवगत कराया कि 23 सितंबर को नगर आयुक्त की अध्यक्षता में बैठक में ईईएसएल के प्रतिनिधि एवं नगर निगम के मध्य सहमति से लिए गए निर्णयों के अनुपालन में स्ट्रीट लाइटों को बदले जाने का काम शुष् किया जाना था।
दीपावली का राष्ट्रीय पर्व सननिकट होने के बावजूद अभी तक भी न पुरानी पारम्परिक सोडियम आदि लाइटें बदलने का काम शुरू हो पाया है और न ही वार्डों में रिक्त पोलों पर एलईडी लाइटें लगाने का कार्य ही प्रारम्भ किया गया है। पत्र में कहा गया कि इस संबंध में पार्षदगणों एवं जनप्रतिनिधियों की ओर से नगर निगम में प्रतिदिन उपरोक्त पुरानी सोडियम लाइटों को बदलने एवं रिक्त पोलों पर लाइटें लगाये जाने का अनुरोध किया जा रहा है।
कंपनी से कहा गया कि बैठक में लिये गए निर्णयों के अनुरूप दीपावली एवं अन्य पर्वों के दृष्टिगत तत्काल पुरानी सोडियम आदि लाइटों को बदलने एवं रिक्त पोलों पर एलईडी लाइटें लगवाने एवं कराए जाने वाले कार्य का टाइमलाइन प्रोग्राम से नगर निगम मेरठ को अवगत कराया जाए। ताकि इस बारे में पार्षदगणों एवं जनप्रतिनिधियों को बताया जा सके।
नगर निगम बोर्ड बैठक 19 को
मेरठ: नगर निगम बोर्ड की बैठक 19 अक्टूबर को टाउन हाल परिसर स्थित तिलक हॉल में बुलाई गई है। इस बैठक में पुनरीक्षित बजट 2022-23 बोर्ड पटल पर विचार के लिए रखा जाएगा। वहीं होटल, लॉज, नर्सिंग होम, क्लीनिक, आटो रिक्शा, मिनी बस समेत विभिन्न ट्रेड लाइसेंस की वर्तमान दरों में 50 प्रतिशत तक वृद्धि करने का प्रस्ताव लाया गया है। नगर निगम कार्यालय से जारी एजेंडे के अनुसार जल संयोजन की घरेलू वर्तमान दरों में दोगुनी वृद्धि प्रस्तावित है।
जबकि दुकानों पर इसमें तीन गुना वृद्धि के लिए बैठक में प्रस्ताव लाया जाएगा। इसके अलावा शो टैक्स की नई दरों पर विचार किया जाएगा। वहीं 1913 में तत्कालीन नगर पालिका द्वारा लीज पर ली गई जीमखाना मैदान, बच्चा पार्क, लेडीज पार्क की करीब सात एकड़ भूमि की लीज अवधि को लेकर न्यायालय में विचाराधीन प्रकरण की पैरवी के संबंध में भी चर्चा की जाएगी।

