जनवाणी संवाददाता |
बिहारीगढ़/सहारनपुर: जनपद के बिहारीगढ़ कस्बे और आसपास के क्षेत्रों की सर्विस रोड़ की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। जगह-जगह पड़े गहरे गड्ढों और ऊबड़-खाबड़ सतह ने इन्हें हादसों का अड्डा बना दिया है। हाल यह है कि मैन बाजार बिहारीगढ़ गुरुद्वारा, मनोहरपुर, अमानतगढ़, शेरपुर, सुंदरपुर और टांडा मानसिंह जैसे इलाकों में पैदल चलना तक दूभर हो गया है। बरसात के मौसम में गड्ढों में पानी भर जाने से हालात और भी गंभीर हो जाते हैं। इन रोड़ पर अक्सर दोपहिया वाहन फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे छोटे-बड़े हादसे आम बात हो गई है।
गौरतलब है कि बिहारीगढ़-रोशनाबाद मार्ग उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। यह मार्ग सहारनपुर जिले को धार्मिक नगरी हरिद्वार से जोड़ता है और प्रतिदिन लाखों यात्री इस रास्ते से गुजरते हैं। मगर बाईपास मार्ग पर बनी सर्विस रोड़ खस्ताहाल हो चुकी है। बुग्गावाला मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढों में गंदा पानी भरा रहता है। राहगीरों का कहना है कि मजबूरी में उन्हें इस रास्ते से गुजरना पड़ता है और कई बार वाहन चालक चोटिल हो चुके हैं। खास बात यह है कि मार्ग का लगभग एक किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश की सीमा में आता है और हमेशा यही हिस्सा मरम्मत के अभाव में बदहाल स्थिति में रहता है।
अधिकारियों की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि एनएच प्राधिकरण और संबंधित अधिकारी इस गंभीर समस्या पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहे। आए दिन हादसों के बावजूद न तो सर्विस रोड़ की मरम्मत हो रही है और न ही कोई ठोस कार्ययोजना बनाई जा रही है। अधिकारी केवल विकास की बातें कागजों पर करते हैं लेकिन धरातल पर हालात जस के तस बने हुए हैं।
घेरकर्मा और हसनावाला मार्ग भी बदहाल
बिहारीगढ़ की मुख्य रोड़ के अलावा घेरकर्मा और हसनावाला मार्ग की स्थिति भी बेहद दयनीय है। यहां सड़कें कम और गड्ढों की श्रंखला ज्यादा नजर आती है। लगातार बारिश से नालियों का गंदा पानी गड्ढों में भर गया है। इससे राहगीरों और खासकर स्कूली बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बच्चे स्कूल आते-जाते समय फिसलकर चोटिल हो जाते हैं, वहीं बाइक सवार भी आए दिन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है। कई बार शिकायत करने के बावजूद न पीडब्ल्यूडी विभाग और न ही अन्य जिम्मेदार इसकी सुध ले रहे हैं। इलाके के लोग अब सरकार से सवाल कर रहे हैं कि आखिर कब तक उन्हें इन खतरनाक और गड्ढों से भरी रोड़ से गुजरना पड़ेगा। खराब रोड़ को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त है और अब यह मुद्दा जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर रहा है।स्थानीय निवासियों का साफ कहना है कि यदि जल्द ही मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

