Thursday, March 26, 2026
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प्राथमिक विद्यालय की जर्जर बिल्डिंग बयां कर रही हाल

  • प्राथमिक विद्यालय कसेरूखेड़ा पांच साल से है बदहाल
  • जर्जर बिल्डिंग की वजह से 2019 से बंद है विद्यालय

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों की जर्जर बिल्डिंगे कब दुरुस्त होंगी यह बताने वाला कोई नहीं है। शहर के कई इलाकों में स्कूली बिल्डिंग हादसों को न्योता देती नजर आ रही है। वहीं, विभाग ने इस समस्या के समाधान के लिए अभीतक भी कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। शहर के कई इलाकों में मौजूद बेसिक स्कूल महज दिखावा बन चुके हैं। हालांकि इन स्कूलों में बच्चों को शिक्षा तो दी जाती है, लेकिन शिक्षा के नाम पर केवल खानापूर्ति ज्यादा नजर आ रही है। इस समय बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों की छुट्टियां चल रही है।

अब स्कूल 15 जून से ही खुलेंगे, लेकिन क्या छुट्टियों के बाद भी उन स्कूलों में शिक्षणकार्य सुचारू रूप से हो सकेगा? जिन स्कूलों की बिल्डिंग जर्जर हालत में है। ऐसे ही स्कूलों की सूची में है। प्राथमिक विद्यालय ठठेरवाड़ा, जाटव गेट कन्या, मोहनपुरी व हरिनगर आदि। कई बार विभाग को ऐसे स्कूलों की बिल्डिंगों की दशा सुधारने को स्कूलों के इंचार्ज व प्रधानाध्यापकों द्वारा लिखा गया है, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। जबकि इसी तरह के हालातों का सामना कर रहे प्राथमिक विद्यालय कसेरूखेड़ा का अब उच्च प्राथमिक विद्यालय के साथ विलय करने के बाद उसे कंपोजिट विद्यालय बना दिया गया है। हालांकि इस स्कूल की जगह विभाग को किसी ने दान दी थी।

जिसके बाद इस पर बिल्डिंग बनाकर स्कूल चलाया जा रहा था, लेकिन मार्च 2019 में जब विद्यालय की छत से मलबा गिरने लगा तो इसे बंद कर बच्चों को सामने ही उच्च प्राथमिक विद्यालय की बिल्डिंग में भेज दिया गया। वहीं, 2021 में इन दोनों विद्यालयों अब कंपोजिट विद्यालय बना दिया गया है, लेकिन अभी भी ऐसे दर्जनों विद्यालय है जिनकी बिल्डिंगे जर्जर हो चुकी है, लेकिन विभाग इनकी मरम्मत तक कराने को तैयार नहीं है। मामले को लेकर बीएसए आशा चौधरी व खंड शिक्षाधिकारी नगर अजय कुमार से बात करने की कोशिश की गई तो दोनों अधिकारियों से बात नहीं हो सकी।

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