- यूपी-कॉप ऐप से डाउनलोड करता था एफआईआर जानकारी देने के नाम पर वादी से करता था वसूली
- परीक्षितगढ़ में पेट्रोल पंप पर हुई लूट पीड़िता को भी बातों में फंसाकर की थी पैसों की डिमांड
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कोतवाली पुलिस ने एक ऐसे शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया, जो यूपी-कॉप ऐप से एफआईआर डाउलनोड कर लोगों से ठगी करता था। यह आरोपी वादी को फोन कर उन्हें मुलजिम की जानकारी देने आदि की बात कहते हुए अपनी बातों में फंसाता था। हालांकि यह पैसों की डिमांड केवल 2-4 हजार रुपये तक ही करता था, ताकि कम रकम होने की वजह से कोई जल्दी से शिकायत भी ना कर सकें। अभी तक यह कई लोगों को अपना शिकार बना चुका था।
पुलिस लाइन सभागार में मंगलवार को पुलिस अधीक्षक नगर आयुष विक्रम सिंह ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए इस शातिर के अपराधों से पर्दा हटाया। उन्होंने बताया कि मुंडाली थाना क्षेत्र के रहने वाले इस आरोपी का नाम कपिल तोमर है। यह यूपी-कॉप ऐप पर जाकर जिले के अलग-अलग थानों में दर्ज हुई एफआईआर को डाउनलोड करता था। इसके बाद एफआईआर में वादी के नंबर पर कॉल करके उन्हें अपनी बातों में फंसाता था।
उन्हें मुलजिम और मुकदमे की जानकारी देने की एवज में दो-चार हजार रुपये की डिमांड करता था। रकम कम होने की वजह से लोग उसकी बातों में आ जाते थे और पैसे दे देते थे। अब तक वह बड़ी संख्या में लोगों को अपना शिकार बना चुका था। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि कुछ दिन पहले परिक्षितगढ़ में पेट्रोल पंप पर महिला के साथ लूट की वारदात हुई थी।
उस पीड़ित महिला को भी इस शातिर आरोपी ने कॉल किया और मुलजिम की जानकारी देने के नाम पर उससे चार हजार रुपये की डिमांड की। महिला ने इसकी शिकायत पुलिस को दी। जिसके बाद गहनता से जांच पड़ताल करने पर पुलिस आरोपी तक पहुंच गई और इसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी से जानकारी की जा रही है कि वह किस-किस व्यक्ति को अब तक ठग चुका है।
फिलहाल यह अकेला ही गिरफ्तार हुआ है, पता लगाया जा रहा है कि कहीं इसके साथ कोई ओर तो इस कृत्य में शामिल नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि कोई भी इस तरह के किसी की बातों में ना फंसे। इस तरह की कॉल आने पर तुरंत ही पुलिस को जानकारी दें।
पुलिस के संपर्क में रहने से हुई ऐप की जानकारी
पुलिस अधीक्षक नगर आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि यह शातिर आरोपी पहले कुछ पुलिस कर्मियों के संपर्क में रहता था। वहीं से इसे यूपी-कॉप की जानकारी हुई है। इसके बाद उसने पहले एफआईआर डाउनलोड करके देखी और फिर लोगों से ठगी करने का दिमाग लगाया। काफी दिनों तक सोचने के बाद इसने यह ठगी का यह आइडिया निकाला। अब काफी समय से बड़े ही शातिराना अंदाज में लोगों को फोन कर उनसे ठगी करता था। महिला की शिकायत के बाद इसका खुलासा हो गया।

