- डिमांड में 65 फीसदी का भारी उछाल
- भीषण गर्मी में दिन की शुरुआत अघोषित बिजली कटौती से
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मई का महीना…आसमान से बरसती आग और अंधाधुंध अघोषित कटौती। बुधवार को मेरठ में अधिकतम तापमान 44 डिग्री तक जा पहुंचा था। जानकारों का कहना है कि 29 मई में बीते सालों में कभी भी इतना ज्यादा तापमान नहीं रहा। मई के अंतिम सप्ताह में 44 डिग्री तापमान ने कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ा है। 44 डिग्री तापमान और दिन की शुरुआत यदि बिजली की अघोषित कटौती से हो और दोपहर के वक्त कई घंटे के लिए बिजली गायब कर दी जाए, अंदाजा लगाए कि जिन इलाकों की दोपहर में बत्ती गुल की गयी होगी, वहां लोगों पर क्या बीती होगी।
बिजली की यह हालत इक्का-दुक्का इलाके में हुई हो ऐसा भी नहीं है। शहर के ज्यादातर इलाकों में बिजली आपूर्ति का बुरा हाल है। जानलेवा गर्मी में बेहाल होग बिजली के गुल होते ही सरकार और सरकार के अफसरों को कोसना शुरू कर देते हैं। आपूर्ति को लेकर हालात कितने गंभीर हैं इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि पहले उन इलाकों का उल्लेख समाचार में किया जाता था जिन इलाकों में बिजली आपूर्ति गड़बड़ाया करती थी, लेकिन आज ऐसे इलाके ढूंढना मुश्किल हो गया जहां आपूर्ति की स्थिति पहले से बेहतर थी।
आपूर्ति के मामले में शहर का कोई भी हिस्सा ऐसा नहीं जहां कहा जा सके कि हालात सामान्य थे। शहर के व्यवसायिक इलाके हो या फिर आवासीय इलाके बिजली आपूर्ति की दशा बद से बदत्तर बनी हुई है। इस साल अधिक गर्मी के चलते बिजली की डिमांग में भी 65 फीसदी का जबरदस्त उछाल है। 65 फीसदी के उछाल का यह आंकड़ा बुधवार को पीवीवीएनएल अफयरों की ओर से जारी किया गया है। इतना बड़ा उछाल होने की वजह से ही सप्लाई सिस्टम के गड़बड़ाने की आशंका राजेंद्र बहादुर अधीक्षण अभियंता विद्युत नगरीय वितरण मण्डल मेरठ ने जतायी है। हालात को संभालना मुश्किल हो रहा है। यह स्थिति तो तब है जब बिजली महकमा हाई अलर्ट पर है।
दो जून तक हाई अलर्ट
गर्मी और बिजली आपूर्ति को लेकर कुछ जानकारों ने दो जून तक हाई अलर्ट की बात कही है। उनका कहना है कि दो जून तक पारे में उछाल का सिलसिला जारी रहेगा। साथ ही इस दौरान बिजली की अंधाधुंध कटौती भी मुसीबत को बढ़ाने का काम करेगी। दो जून को बाद यदि पारा कुछ नीचे आता है और डिमांड में कमी आती है तो शायद सप्लाई की स्थिति में सुधार हो।
चीफ की उपभोक्ताओं से अपील
पीवीवीएनएल के अधीक्षण अभियंता विद्युत नगरीय वितरण मण्डल मेरठ राजेन्द्र बहादुर ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है। जनवाणी से बातचीत में उन्होंने बताया कि अत्यधिक गर्मी के कारण विद्युत की डिमांड अप्रत्याशित रूप से विगत वर्ष इसी अवधि की तुलना में लगभग 65% बढ़ गई हैं। विद्युत डिस्ट्रीब्यूशन प्रणाली ओवर लोड चल रही है। ऐसे में कभी कभी सिस्टम ओवर लोड पर ट्रिप हो रहा है
अथवा सिस्टम को सुरक्षित रखने के लिए आधे से एक घंटे की रोस्टरिंग करनी पड़ सकती है। लाइन कर्मचारी व इंजीनियर रात दिन काम कर रहें हैं। 48 डिग्री सेल्सियस टेंपरेचर में भी लोहे के पोल पर चढ़कर लाइन ठीक कर रहे हैं। इस क्रिटिकल समय में सहयोग करें। फॉल्ट होने पर अथवा रोस्टरिंग होने पर थोड़ा धैर्य रखें। आवश्यक होने पर 1912 अथवा विद्युत उपकेन्द्र पर जानकारी लेने हेतु फोन करें। लाइन स्टाफ को फोन करने से बचें, जिससे वह जल्दी फॉल्ट ठीक कर आपूर्ति बहाल कर सके तथा सुरक्षित भी रहे।
उपभोक्ताओं का दी राय
अधीक्षण अभियंता राजेन्द्र बहादुर ने उपभोक्ताओं को बिजली कटौती से बचाने के लिए सलाह दी है कि घर के सभी विद्युत उपकरण एक साथ न चलाएं, सबमर्सिबल, वाशिंग मशीन, प्रेस इत्यादि उपकरण का प्रयोग सुबह 6 से 9 बजे के बीच करें, एसी की टेप्रेचर सेटिंग 24 डिग्री रखें तथा टाइमर को भी सेट करें। एनर्जी एफिशिएंट विद्युत उपकरणों का प्रयोग कर, वायरिंग ठीक रखें व अर्थिंग की जांच करा लें। ओवरलोड में कम से कम कमरों का प्रयोग करें, चालू एसी की संख्या कम रहे। विद्युत की चोरी न करें और यदि आस पड़ोस में कोई विद्युत चोरी कर रहा है तो इसकी सूचना विद्युत विभाग को दे।
रिश्वत मामले में आरोपी जेएमटी अशोक सस्पेंड
शहर के सराफा बाजार में एक उपभोक्ता से रिश्वत मांगने के मामले की जांच के बाद अधिशासी अभियंता अमित पाल ने जेएमटी अशोक कुमार को सस्पेंड कर दिया है। इस मामले की शिकायत इति भ्रष्टाचार के पं. नरेश शर्मा व उनके सहयोगी सचिन कुमार ने एमडी पावर से की थी। जनवाणी ने इस मामले को 28 मई के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। अधिशासी अभियंता ने बुधवार को जेएमटी अशोक कुमार के निलंबन आदेश जारी कर दिए। साथ ही उन्हें कार्यालय सहायक अभियंता मीटर विद्युत नगरीय परीक्षणशाला पंचम से अटैच कर दिया गया है। हालांकि यह बात अलग है कि आरोपी जेएमटी के खिलाफ तमाम साक्ष्य सौंपे जाने
तथा इस मामले में एमडी तक शिकायत किए जाने के बावजूद रिश्वत के आरोपी जेएमटी पर कार्रवाई में पूरे दो माह का समय लगा दिया। पं. नरेश शर्मा व सचिन ने बताया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी जंग को ऐसी कार्रवाइयों से और भी बल मिलता है। वहीं, दूसरी ओर इस मामले का खुलासा करने वाले सचिन ने आरोप लगाया कि कार्रवाई भले ही कर दी गयी हो, लेकिन इसके बाद भी खुलासा करने वालों को फंसाने की साजिश की जा रही है, जिसको सफल नहीं होने दिया जाएगा। आरोपी के खिलाफ तमाम साक्ष्य मौजूद हैं।
एमडी की दो टूक, शिकायतों के निस्तारण में न बरते कोताही
पीवीवीएनएल प्रबन्ध निदेशक ईशा दुहन ने बुधवार को समीक्षा बैठक में अफसरों को उपभोक्ताओं की शिकायत प्राथमिकता से दूर करने के निर्देश दिए। डिस्काम मुख्यालय ऊर्जा भवन, विक्टोरिया पार्क के सभागार में निवेश मित्र, झटपट पोर्टल, विद्युत दुर्घटना विभिन्न माध्यमों से प्राप्त (आईजी आरएस, संभव) आदि शिकायत, विद्युत हेल्प लाइन नंबर-1912 से प्राप्त आदि शिकायतों पर समीक्षा बैठक आहुत हुई। एमडी ईशा दुहन ने कहा कि जो शिकायतें काफी समय से लंबित हैं, उनके समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाये जायें।
जनसुनवाई में आने वाले उपभोक्ताओं की शिकायतों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर, तत्काल गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने निर्देश दिये कि अधिकारी जनसुनवाई में आने वाले उपभोक्ताओं की शिकायतो को गंभीरता से लें, शिकायतों के निस्तारण में कोताही न बरती जाये। पीवीवीएनएल उपभोक्ताओं कों बेहतर सेवायें देने के लिए कटिबद्ध है। निर्बाध विद्युत आपूर्ति करने के साथ ही, उपभोक्ताओं की शिकायतों का संवेदनशीलता के साथ त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाये। शिकायतों के त्वरित व गुणवत्तापूर्ण समाधान में लापरवाही न बरती जाये।

