- पूछताछ के लिए किया गया तलब, कब हाजिर होंगे यह कहना अभी जल्दबाजी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कंकरखेड़ा थाना के बहुचर्चित फर्जी पासपोर्ट कांड की तपिश अब कुछ अफसरों तक भी जा पहुंची है। इसकी आग में कंकरखेड़ा पुलिस के अलावा नगर निगम व एक बैंक के अधिकारी भी लपेटे में आ गए हैं। उनको पूछताछ के लिए तलब किया गया है। हालांकि वो कब हाजिर होंगे यह कहना अभी जल्दबाजी होगा। वहीं, दूसरी ओर फर्जी पासपोर्ट कांड में लोकल पुलिस के अलावा सूबे की दूसरी एजेंसियां भी इस बडेÞ मामले की अपने स्तर से जांच में जुट गयी हैं।
दरअसल, लॉरेंस बिश्नोई के दो गुर्गों के फर्जी पासपोर्ट बनवाने के मामले में एडीजी के संज्ञान लेने के बाद एसपी देहात ने कंकरखेड़ा पुलिस को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किया है। कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के गुर्गे राहुल कुमार और महेंद्र कुमार के फर्जी दस्तावेजों पर पासपोर्ट बनवाने के मामले में कंकरखेड़ा पुलिस नगर निगम और एक बैंक के अधिकारियों की गर्दन भी फंस गई है। बीकानेर पुलिस ने राहुल और महेंद्र के दुबई फरार होने के पीछे राजू वैध को मुख्य आरोपी बनाते हुए कंकरखेड़ा पुलिस, नगर निगम और बैंक के अधिकारी को भी लापरवाही का आरोपी बनाया है। मामला एडीजी धु्रवकांत ठाकुर के संज्ञान में आया तो उन्होंने एसएसपी रोहित सिंह सजवाण से रिपोर्ट मांगी।
एसएसपी ने बताया कि जांच एसपी देहात को सौंपी है। एसपी देहात कमलेश बहादुर की ओर से कंकरखेड़ा पुलिस को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजा गया है। यह भी संभव है कि राहुल वैद्य को सामने बैठाकर कुछ लोगों से इस मामले में पूछताछ की जाए। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि जिनको जांच के लिए तलब किया गया है, पहले उनका रुख देख लिया जाए। उसके बाद ही यदि जरूरत पड़ी तो फिर फेस-टू-फेस बैठाकर भी पूछताछ की जा सकती है। बताया गया है कि यह मामला अब लखनऊ में बैठे आला अधिकारियों के भी संज्ञान में पहुंच गया है।

होटल एम्प्रेस कोर्ट विवाद में चार पर एफआईआर
मेरठ: कैंट के सर्कुलर रोड स्थित होटल एम्प्रेस कोर्ट के विवाद में चार लोगों के खिलाफ थाना सदर बाजार पुलिस ने मामला दर्ज किया है। सदर बाजार थाने में जमीन की फर्जी लीज एग्रीमेंट बनवाकर धोखाधड़ी किये जाने का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि लीज खत्म होने के बाद फर्जी लीज तैयार की गई और उससे किराया वसूला गया। मामला सर्कुलर रोड स्थित होटल से जुड़ा है, जिसका संचालन वर्ष 2010 से संदीप आत्रेय अपने पार्टनर सुमन आनंद के साथ मिलकर कर रहे हैं।
उन्होंने होटल की यह जमीन राजकुमार कुकरेजा, संदीप कुकरेजा, संजय कुकरेजा से 2019 तक लीज पर ली थी। लीज खत्म हुई तो इन लोगों ने लीज अपडेट कराने का दावा किया। संदीप आत्रेय का कहना है कि पिछले वर्ष पता चला कि लीज का विस्तार नहीं हुआ है। यह फर्जी तरीके से लीज बनाकर किराया वसूलते आ रहे हैं। आरोप है कि जब इस संबंध में इन सभी लोगों से बात की गई और किराया कैंट बोर्ड को देने के लिए कहा गया तो वह आग बबूला हो गये। 27 फरवरी को सभी आरोपी एकत्र होकर होटल पर पहुंचे और धमकी दे दी।
मारपीट शुरू कर दी, लेकिन मौजूद लोगों ने बचा लिया। तभी से यह लगातार होटल कब्जाने का प्रयास कर रहे हैं। संदीप आत्रेय ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के साथ एसएसपी से शिकायत की, जिनके आदेश पर गुरुवार को राजकुमार कुकरेजा, संजय कुकरेजा, संदीप कुकरेजा और निखिल कुकरेजा के खिलाफ धोखाधड़ी सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया। एसओ शशांक द्विवेदी का कहना है कि मुकदमें से जुड़े साक्ष्य संकलन का कार्य शुरू कर दिया गया है।
वहीं दूसरी ओर इस मामले में संजय कुकरेजा ने बताया कि किराएदार पर उनका साढेÞ तीन करोड़ बकाया है। इसको खाली कराने का मुकदमा जिला जज के यहां विचाराधीन है। उन्होंने आरोप लगाया कि खाली करने के नाम पर तीन करोड़ की रंगदारी उनसे मांगी जा रही है। इस मामले में उन्होंने एडीजी से मिलकर पूरे मामले से अवगत कराने की भी जानकारी दी है।

