नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक अभिनंदन और स्वागत है। ईरान और अफगानिस्तान के कुछ हिस्सों में बने हवाओं के दबाव से जो परिस्थितियां बनी हैं, उसका असर देश के अलग-अलग जगहों में देखने को मिल
रहा है।
मौसम वैज्ञानिकों का दावा है कि अफगानिस्तान और ईरान के कुछ हिस्सों में एक बार फिर से पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता देखने को मिल रही है। यही कारण है कि कम दबाव की हवाओं और उसके बाद बनी साइक्लोनिक सर्कुलेशन जैसी परिस्थियों के चलते मौसम में ऐसे हालात बने हुए हैं।
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक अगले दो दिनों तक तो पश्चिमी हिमालय रीजन में इसका असर दिखेगा। विभाग के अनुमान के मुताबिक जम्मू कश्मीर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊपरी हिस्सों में सोमवार और मंगलवार से लेकर बुधवार शाम तक कई हिस्सों में भारी बर्फबारी होगी। इन ऊपरी पहाड़ी इलाकों में तापमान माइनस 15 डिग्री से ज्यादा बने रहने का अनुमान है।
आपको बता दें कि यूपी के बुलंदशहर में तापमान 44 डिग्री को छू गया है। राजस्थान, मध्यप्रदेश, उड़ीसा और छत्तीसगढ़ में आग बरस रही है। वहीं हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और लद्दाख के कुछ इलाकों में पारा माइनस 15 डिग्री पर बना हुआ है। बीते दो दिन के भीतर इन इलाकों के तापमान में तेजी से बढ़ोतरी, तो कहीं बहुत तेजी से पारा नीचे खिसका है।
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, पहाड़ों पर तापमान अगले कुछ दिनों तक इसी तरह न सिर्फ माइनस में रहेगा, बल्कि सोमवार और मंगलवार को लगातार बर्फबारी होगी। मैदानी इलाकों में लगातार आग बरसती रहेगी। पहाड़ों और मैदानी इलाकों के बीच में तापमान का यह अंतर ईरान में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से बना हुआ है।
वैज्ञानिकों के मुताबिक इस महीने के अंत तक मौसम के ऐसे ही बने रहने का अनुमान लगाया गया है। वहीं 26 अप्रैल से एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता शुरू होने वाली है, जिसका असर आंधी बारिश और तूफान के तौर पर दिखेगा।
मौसम विभाग के मुताबिक मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी इलाकों के तापमान में जबरदस्त अंतर बरकरार है। विभाग के आंकड़ों में हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति में सोमवार दिन में पारा यहां माइनस पंद्रह डिग्री रिकॉर्ड किया गया। जबकि आसपास के इलाकों में लगातार बर्फबारी भी हो रही है।
मौसम विभाग के मुताबिक भीतर 48 घंटे के भीतर तकरीबन दो फीट से ज्यादा की बर्फबारी हो चुकी है। जबकि बदले हुए मौसम के मुताबिक इसी तरह का हाल अगले दो दिन तक हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और लद्दाख के ऊपरी हिस्से में बना रहेगा।
मौसम वैज्ञानिक कहते हैं कि ईरान के हिस्से में बने साइक्लोनिक सरकुलेशन का ही यह असर है कि समूची हिमालयन बेल्ट में मौसम बदला है। विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों तक इस इलाके में ऐसे ही हालात बने रहेंगे।
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