- पकवानों की सुगंध मोह रही मन, बाजारों में दिखने लगी होली की बहार
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: फाल्गुन आते ही हवा में गुलाल और अबीर की महक घुलने लगती है। इस बार भी होली की बहार दिखने लगी है। जहां एक तरफ गुलाल अबीर की दुकानें सज के तैयार हैं। वहीं, दूसरी ओर पकवानों की सुगंध मन मोह रही है। इस बार 25 मार्च को होली का त्योहार मनाया जाएगा। होली की तैयारियों को लेकर बाजारों में गुंजियां, मठरी, चिप्स, नमकीन, पापड़, ठंडाई तैयार की जा रही है।
आधुनिकता के इस दौर में त्योहारों का रंग फीका पड़ता जा रहा है। होली से कुछ दिन पहले घर की महिलाएं अपने-अपने घरों में चिप्स, पापड़, मठरी व अन्य सामान बनाती थीं। बदलते समय के साथ-साथ त्योहारों को मनाने का तरीका और खान-पान की आदतों में भी बदलाव आया। आज 80 प्रतिशत महिलाएं वर्किंग है। समय के अभाव के चलते अब लोग बाजारों से रेडीमेड सामान खरीदते हैं। इसको ध्यान में रखते हुए आज बाजारों में दही-बड़े, सौंठ, गोल गप्पे, जलजीरा, ठंडाई जैसी इजी टू मेक खाद्य सामग्री मौजूद है।
गृहिणयों को लुभा रहा इलेक्ट्रिक गुंजिया मेकर
होली को देखते हुए इस बार बाजारों में इलेक्ट्रिक गुंजिया मेकर भी उपलब्ध कराया गया है। इसमें आपको बस कच्ची गुंजिया बना के रखनी पड़ेगी और यह आपको बेकर्ड अर्थात सिंकी हुई तैयार गुंजिया देगा। इसमें तेल का खर्चा न होने के कारण यह महिलाओं की पसंद बन रहा है तथा स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों को भी यह बहुत पसंद आ रहा है। इसकी कीमत 150 से 500 रुपये तक है।
गुंजियों की वैरायटी
इस पर्व में गुंजिया अपना एक अलग स्थान रखती है। बता दें कि इस बार बाजार में मावा गुंजिया, ड्राई फ्रूट गुंजिया, ड्राई फ्रूट केसरिया समोसा, केसर गुंजिया, प्लेन गुंजिया, इलायची गुंजिया, चंद्रकला आदि की अधिक फरमाइश है।

ट्रेंड हो रही वेजिटेबल मठरी
शास्त्रीनगर निवासी मामू किचन के मालिक अंकित रोहिल्ला बताते हैं कि उनके यहां की वेजिटेबल मठरी हर साल सबसे ज्यादा ट्रेंड कर रही है। यह मठरी पत्ता गोभी, प्याज, गाजर, साबुत धनिया, अन्य मसाले आदि डाल कर तैयार की जाती हैं। इसके साथ ही अचारी मठरी, रिंग खस्ता, गुजराती रोल, मूंग दाल मसाला, कसूरी मठरी, अजवाइन के नमक पारे, काजू-बादाम मिक्सचर आदि वैरायटी होली के लिये तैयार की गयी है।
रंगबिरंगी कचरी भा रही मन
होली रंगों का त्योहार है, इस त्योहार पर एक से एक पकवान तैयार किये जाते हैं। इसे देखते हुए ओम किराना स्टोर के मालिक सौजन्य बताते हैं कि मेहमानों की पसंद को देखते हुए इस बार पापड़ की कई वैरायटी जैसे ग्रीन चिल्ली पापड़, उड़द पंजाबी पापड़, तिरंगा पापड़, चना लहसुन पापड़, सिंधी पापड़, स्पेशल पापड़, चना-मेथी पापड़ आदि पापड़ों की वैरायटी जोधपुर और बनारस से बनवा के मंगवाई गई हैं। मेडिकल स्थित हलवाई राजू बताते हैं कि पिछले दो बार से सबसे जयादा डिमांड पानी के बताशों, दही बड़ो और सौंठ की हो रही है। होली से दो दिन पहले यह माल तैयार किया जाता है। जिससे कि खराब नहीं हो।

