Thursday, March 19, 2026
- Advertisement -

कोरोना के विरूद्ध जंग तेज: वैक्सीन को लेकर शुरू होगा यह अभियान

  • अब किशोरों को वैक्सीन, फ्रंट लाइन वर्कर्स को लगेगी प्रिकॉशन डोज

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: देश में अब वयस्कों के साथ ही साथ बच्चे भी कोरोना संक्रमण से सुरक्षित होंगे। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 से 18 साल तक के किशोर वर्ग के लिए कोरोना वैक्सीन का ऐलान कर दिया है। उन्हें तीन जनवरी से कोरोना वैक्सीन के दोनों खुराक लगाए जाएंगे। वहीं बूस्टर डोज को लेकर उठ रही चर्चाओं को भी नरेंद्र मोदी ने विराम दे दिया है।

राष्ट्र के नाम संबोधन में उन्होंने हेल्थ वर्कर व फ्रंट लाइन वर्कर्स को प्रिकॉशन डोज लगाने की बात कही। इसके अलावा 60 साल से ऊपर के व्यक्ति, जो गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं वे अपने डॉक्टर की परामर्श पर प्रिकॉशन डोज ले सकेंगे। हालांकि, उन्हें 10 जनवरी से प्रिकॉशन डोज लगना शुरू होगी। प्रधानमंत्री की इन घोषणाओं के बावजूद लोगों के मन में कई तरह के सवाल हैं।

किन बच्चों को लगेगी वैक्सीन ?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 से 18 साल तक के किशोर वर्ग के लिए टीकाकरण को मंजूरी दी है। 18 वर्ष से ऊपर के लोगों को पहले से ही वैक्सीन लगाई जा रही है।

कब से लगेगी वैक्सीन ?

बच्चों के लिए टीकाकरण तीन जनवरी से शुरू होगा। दिन सोमवार का होगा।

प्रिकॉशन डोज किसको लगेगी ?

पहले चरण में प्रिकॉशन डोज हेल्थ वर्कर्स, फ्रंट लाइन वर्कर्स(पुलिस वाले, सफाई कर्मी व अन्य) को प्रिकॉशन डोज दी जाएगी। इसके अलावा 60 साल से ऊपर के व्यक्तियों जिन्हें कोई गंभीर बीमारी है, वे अपने डॉक्टर की सलाह पर प्रिकॉशन डोज लगवा सकेंगे।

प्रिकॉशन डोज कब से लगेगी ?

देश में प्रिकॉशन डोज 10 दिसंबर से लगना शुरू होगी। दिन सोमवार का होगा।

कब लगवा सकते हैं प्रिकॉशन डोज ?

अगर आप फ्रंट लाइन वर्कर हैं या फिर 60 साल से ऊपर के हैं तो आप प्रिकॉशन डोज के पात्र हैं। हालांकि, आपको कोरोना के दोनों खुराक लगे छह महीने का समय हो चुका हो।

कितने लोगों को लगेगी प्रिकॉशन डोज ?

देश में 60 साल से अधिक उम्र के 14 करोड़ लोग हैं। इन्हें प्रिकॉशन डोज दी जाएगी।

क्या बूस्टर डोज व प्रिकॉशन डोज अलग हैं ?

बूस्टर डोज व प्रिकॉशन डोज कतई अलग नहीं हैं। विदेशों में इन्हें बूस्टर डोज कहा जाता है। पीएम मोदी ने इसे प्रिकॉशन(एहतियाती) डोज कहकर संबोधित किया है। यह कोरोना वैक्सीन की तीसरी खुराक के ऊपर में दी जाएगी। जिससे प्रतिरक्षा प्रणाली और मजबूत हो सके।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

अब घबराने का समय आ गया है

हमारे देश में जनता के घबराने का असली कारण...

विनाश के बीच लुप्त होतीं संवेदनाएं

जब विज्ञान, तकनीक और वैश्वीकरण के सहारे मानव सभ्यता...

ऊर्जा संकट से इकोनॉमी पर दबाव

वैश्विक अर्थव्यवस्था में जब भी ऊर्जा संकट गहराता है,...

Navratri Fasting Rules: नौ दिन के व्रत में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं, सेहत हो सकती है खराब

नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत...

Saharanpur News: राजीव उपाध्याय ‘यायावर’ को सर्वश्रेष्ठ शोध प्रस्तुति सम्मान

जनवाणी संवाददाता | सहारनपुर: चमनलाल महाविद्यालय में आयोजित 7वें उत्तराखण्ड...
spot_imgspot_img