जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: 29 नवंबर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में एक बार फिर हंगामे के आसार हैं। सत्र के पहले दिन आज दो नए सदस्यों के शपथग्रहण और आठ दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के बाद लोकसभा में कृषि कानूनों की वापसी के लिए बिल पेश किया जाएगा। वहीं इन सब के बीच विपक्षी नेताओं ने संसद के शीतकालीन सत्र शुरू होने से एक घंटे पहले एक बैठक करने की भी योजना बनाई है।
कांग्रेस ने अपने राज्यसभा सांसदों की बैठक बुलाई
कांग्रेस ने आज कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) कार्यालय में अपने राज्यसभा सांसदों की बैठक बुलाई है।
शीतकालीन सत्र के दौरान करीब 30 विधेयक होंगे पेश
शीतकालीन सत्र के दौरान सरकार करीब 30 विधेयक पेश करने जा रही है जिनमें बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक 2021, आर्थिक एवं अन्य सुधार संबंधी विधेयकों में बिजली संशोधन विधेयक 2021,पेंशन सुधार संबंधी पीएफआरडीए संशोधन विधेयक, दिवाला एवं शोधन अक्षमता दूसरा संशोधन विधेयक 2021, ऊर्जा संरक्षण संशोधन विधेयक 2021 शामिल हैं।
कांग्रेस सांसद मनिकम टैगोर ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस
कांग्रेस सांसद मनिकम टैगोर ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया है और कहा है कि सरकार को तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की पहल करने और दिल्ली की सीमाओं पर किसानों के विरोध के दौरान पिछले एक साल में मारे गए 700 किसानों के परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा करने का निर्देश देने के लिए चर्चा की मांग की है।
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में कृषि कानूनों के विरोध में जान गंवाने वाले किसानों का रिकॉर्ड बनाने और उनके परिवारों को मुआवजा देने के लिए सरकार को निर्देश देने पर चर्चा करने के लिए स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया।
भाकपा सांसद बिनॉय विश्वम ने दिया कामकाज के निलंबन का नोटिस
भाकपा सांसद बिनॉय विश्वम ने राज्यसभा में दिया कामकाज के निलंबन का नोटिस और न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी सुनिश्चित करने पर चर्चा की मांग की है।
सुबह 10 बजे विपक्षी दलों की बैठक
विपक्षी नेताओं ने संसद के शीतकालीन सत्र शुरू होने से एक घंटे पहले यानी सुबह 10 बजे एक बैठक बुलाई है।
29 नवंबर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में एक बार फिर हंगामे के आसार हैं। सत्र के पहले दिन आज दो नए सदस्यों के शपथ ग्रहण और आठ दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के बाद लोकसभा में कृषि कानूनों की वापसी के लिए बिल पेश किया जाएगा।

