जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: ट्रैफिक पुलिस की लचर व्यवस्था के कारण लोगों को प्रतिदिन जाम से दो-चार होना पड़ रहा है। यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए वर्षों से चल रही पहल अभी तक अधर में ही लटकी हुई है।
बात यदि त्योहारी सीजन की करें तो पिछले कई दिनों से शहर की यातायात व्यवस्था बेपटरी हो रही थी।
हालांकि ट्रैफिक पुलिस ने त्योहारी सीजन में यातायात व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सात दिनों तक रूट डायवर्जन किया हुआ था, लेकिन इसके बावजूद शहर की जाम से जूझता रहा। अब त्योहार खत्म हो गए है और जाम के हालात वैसे ही है। यातायात व्यवस्था का आलम यह है कि सामान्य दिनों में भी शहर की सड़कों पर जाम लगा रहता है जो अब शहर की पहचान बन रहा है। संकरी सड़कों पर बेतरतीब तरीके से दोपहिया वाहनों की पार्किंग से लेकर शहर के अंदर बड़े वाहनों की आवाजाही शहर को
यातायात का दंश झेलने के लिए मजबूर करती है।
चार पहिया वाहनों के प्रवेश पर लगे प्रतिबंध
हापुड़ रोड व दिल्ली रोड समेत अन्य सभी मार्गों पर दुकानों के आगे खड़े वाहनों के कारण मार्ग संकरा हो जाता है। सुबह के समय शहर में वाहनों का आवागमन ज्यादा रहता है। ऐसे में प्रतिबंधित चार पहिया वाहन भी शहर में घुस जाते है। नतीजन इन वाहनों के कारण मार्गों पर लंबा जाम लग जाता है। ऐसे में शहर में नो एंट्री के बाद भी घुस रहे बड़े वाहनों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगना चाहिए। इसी के साथ दुकानों के बाहर खड़े होने वाले वाहनों के लिए पार्किंग जोन बनाने चाहिए, ताकि बाजारों में आने वाले लोग
अपने वाहनों को पार्क कर सकें।
गंभीरता दिखानी होगी
शहर की यातायात व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है। हर साल त्योहारी सीजन में शहर के सभी मुख्य बाजारों में पैदल चलना भी मुश्किल रहता है। आलम यह रहता है कि बाजार में आने वाला हर व्यक्ति सड़क पर अपने वाहन खड़े कर इधर-उधर हो जाता है। ऐसे में अन्य वाहन चालकों समेत पैदल चलने वाले लोग भी परेशान रहते है। सड़कों पर इस तरह वाहन खड़े करने से बाजारों में जाम के हालात बन जाते है।
यहां लगता है जाम
शहर में मुख्य रूप से जीरो माइल से लेकर बेगमपुल, जिला सहकारी बैंक से मेरठ कॉलेज के गेट तक, मेघदूत पुलिया, सूरजकुंड मार्ग से हापुड़ अड्डा तक, हापुड़ अड्डे से गोला कुआं, पिलोखड़ी चौराहा, बुढाना गेट, खैरनगर चौराहा, घंटाघर से छतरी वाले पीर तक, टैक्सी स्टैंड से सोतीगंज तक, मेट्रो प्लाजा से टीपीनगर थाने तक जाम लगा रहता है।

