- आरती की तरह सुर्खियों में रहा था कविता हत्याकांड
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: 16 साल पहले चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की प्रवक्ता कविता चौधरी ने अपने कर्मों से पूरे वेस्ट यूपी में तहलका मचा दिया था और उसकी चपेट में कई नेताओं से लेकर शिक्षाविद् आ गए थे ठीक उसी तरह सरदार वल्लभ भाई पटेल यूनिवर्सिटी की महिला प्रोफेसर आरती भटेले ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर दूसरे प्रोफेसर की हत्या की साजिश तक रच ली थी। सवाल ये है कि छात्रों की जिंदगी बनाने वाली शिक्षिकायें अपने कुकृत्यों के कारण चर्चाओं में आ जाती है।

कविता चौधरी बुलंदशहर के स्याना थाना क्षेत्र के घनसूरपुर गांव की रहने वाली थी। वह सीसीएसयू कैंपस में ललित कला विभाग में अस्थाई प्रवक्ता थी। गत 23 अक्टूबर 2006 को वह लापता हो गई थी। इससे पहले दुर्गा भाभी हॉस्टल में मेस ठेकेदार को लेकर हुए विवाद में उन्हें हॉस्टल से निकाल दिया था।
पूर्व कुलपति प्रो. रमेशचंद्रा के समय में कविता ने पीएचडी जमा की थी। इसके बाद दूसरे कुलपति आरपी सिंह के समय में डीलिट के लिए पंजीकरण कराया था। कविता के गायब होने के बाद ही उसके भाई सतीश ने मेरठ और बुलंदशहर पुलिस पर राजनीतिक दबाव में काम करने का आरोप लगाया था।
कविता के भाई ने पहले स्याना कोतवाली में अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। बाद में मामला विश्वविद्यालय से जुड़ा होने पर मेरठ ट्रांसफर कर दिया था। कविता की हत्या का आरोप रवीन्द्र प्रधान पर लगा था। तात्कालीन एसएसपी नवनीत सिकेरा को आरोपी प्रधान ने बताया था कि 24 अक्टूबर को मैं और योगेश कविता को लेकर इंडिका कार से बुलंदशहर की ओर चले।
लाल कुआं पर हमने जूस में नशीली गोलियां मिलाकर कविता को पिला दी। इसके बाद दादरी से एक लुंगी खरीदी और उससे कविता का गला घोंट दिया। आगे जाकर सनौटा पुल से शव नहर में फेंक दिया। रवींद्र ने बताया था कि कविता के कई रसूखवाले लोगों से घनिष्ठ संबंध थे। इसी आधार पर हमने उन लोगों को ब्लैकमेल करने की योजना बनाई।
कविता ने लखनऊ में प्रदेश के पूर्व सिंचाई मंत्री की अश्लील सीडी तैयार की। इसके जरिए ब्लैकमेल कर हमने पूर्व मंत्री से 35 लाख रुपये वसूले। रवींद्र के मुताबिक कविता के पास चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी के पूर्व वीसी आरपी सिंह एवं ललित कला अकादमी के अध्यक्ष कुंवर बिजेंद्र सिंह की अश्लील सीडी भी थी।
वहीं वर्तमान समय में कृृषि विवि की प्रोफेसर आरती भटेले ने प्रोफेसर राजवीर सिंह का काम तमाम करने के लिये अपने प्रेमी अनिल बालियान की मदद ली। दोनों के बीच चल रहे अवैध संबंधों की जानकारी पूरे कैंपस को थी। यही नहीं अनिल की पत्नी भी इस कारण डिप्रेशन में आकर सिसौली चली गई थी। 14 सालों में दो महिला प्रोफेसरों के किस्से लोगों की जुबान पर छाये हुए हैं।
पुलिस से आगे निकली आरती, अग्रिम जमानत के लिये आवेदन
सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विवि के डीन प्रोफेसर राजबीर सिंह पर कातिलाना हमले के मामले में नामजद प्रोफेसर आरती भटेले पुलिस से तेज निकली। पुलिस जहां अदालत से इनकी गिरफ्तारी के लिये वारंट मांग रही थी। उससे पहले आरोपी प्रोफेसर ने अग्रिम जमानत के लिये आवेदन दाखिल कर दिया है।
वहीं दूसरे शूटर की तलाश में पुलिस की टीमें गाजियाबाद और हापुड़ भेजी गई है। डा. राजबीर पर हमला करवाने में यूनिवर्सिटी की महिला प्रोफेसर डा. आरती भटेले, अनिल बालियान, मुनेन्द्र, आशु चढ्ढा और नदीम के नाम प्रकाश में आये थे। इसमें शूटर आशु को हत्या करने के लिये घटना में प्रयुक्त एक पिस्टल 30 बोर, 9 मैगजीन मय 63 कारतूस, 30 बोर कारतूस स्पलेंडर व सुपारी की रकम चार लाख रुपयों के साथ गिरफ्तार किया गया।
हत्या के प्रयास के षड्यंत्र में शामिल अभियुक्त मुनेन्द्र बाना, अनिल बालियान द्वारा चार लाख रुपये आशु चढ्ढा व मुनेन्द्र बाना को गिरफ्तार किया गया था। प्रो. आरती भटेले उसी दिन से फरार चल रही है। पुलिस की आंख में धूल झोंकने के लिये घटना के वक्त आरती अपने प्रेमी के साथ शॉप्रिक्स मॉल में घूम रही थी, ताकि सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में इन लोगों के चेहरे न आ सकें।
प्रो. आरती ने विवि को पत्र लिखकर दो दिन का अवकाश बढ़ाने की मांग की थी लेकिन उसे स्वीकार नहीं किया गया है। एसपी क्राइम अनित कुमार ने बताया कि पुलिस ने आरती के छतरपुर स्थित घर जाकर गिरफ्तार करने के लिये अदालत से वारंट के लिये आज आवेदन किया था।
उस वक्त पता चला कि आरती भटेले ने अदालत में गिरफ्तारी से बचने के लिये अग्रिम जमानत के लिये आवेदन किया हुआ है। एसपी क्राइम ने बताया कि अदालत में अग्रिम जमानत का विरोध किया जाएगा। वहीं, छतरपुर के लिये पुलिस की टीम भेजी जाएगी। वहीं दूयरे शूटर नदीम को पकड़ने के लिये कई टीमें लगाई गई हैं।

